फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   political parties condemn bukhari statement

बुखारी के बयान ने बढ़ाई पार्टियों की सियासी बौखलाहट

Sat, 05 Apr 2014 10:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 05 Apr 2014 10:14 AM IST
विज्ञापन
political parties condemn bukhari statement

दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी का कांग्रेस समर्थन करने पर न सिर्फ उलेमाओं में रोष है बल्कि उनका यह रवैया राजनीतिक पार्टियों को भी नागवांर गुजरी है।

विज्ञापन


भाजपा, बसपा और यहां तक कि सपा का भी कहना है कि किसी उलमा या इमाम को वोट देने की अपील करना शोभा नहीं देता है।

वोट के ठेकेदारों को मुसलमान बखूबी समझ चुका है। ऐसी अपीलों से रत्ती भर भी असर नहीं होने वाला।

बुखारी हमेशा अपना हित साधते है: शिवपाल

political parties condemn bukhari statement

जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी की कांग्रेस को समर्थन देने की अपील पर सपा और बसपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

सपा प्रवक्ता व सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने कहा, मौलाना बुखारी राजनीति में हमेशा अपना हित साधते हैं लेकिन मुसलमान उनको समझते हैं, इसलिए उनकी अपील पर गौर ही नहीं करेंगे।

वहीं कैबिनेट मंत्री आजम खां का कहना है कि मौलाना बुखारी को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिसका सीधा फायदा फासिस्ट ताकतों को मिले। उन्होंने मौलाना बुखारी को अपने बयान पर फिर से गौर करने की सलाह दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस की नहीं, हमारे लिए वोट मांगें बुखारी: बसपा

political parties condemn bukhari statement

उधर, बसपा ने कहा कि समय की मांग को समझते हुए मौलाना बुखारी व अन्य लोगों को लोकसभा चुनाव में बसपा का समर्थन करना चाहिए क्योंकि भाजपा की पराजय केवल वही सुनिश्चित करा सकती है।

पार्टी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि  मुस्लिम समाज के जानमाल व मजहब की रक्षा को लेकरकांग्रेस व सपा सरकार का रिकॉर्ड अब तक बेहद खराब रहा है। इसके उलट बसपा की सरकार में यूपी पूरी तरह से दंगामुक्त प्रदेश रहा।

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में अहमद बुखारी ने सपा का समर्थन किया था। परंतु सरकार बनने के बाद कई मामलों को लेकर उनके और सपा नेतृत्व के बीच दरार पैदा हो गई।

वरिष्ठ सपा नेता आजम खां और उनके बीच कई बार तल्ख बयानबाजी भी हुई। बुखारी के दामाद मौजूदा समय में भी सपा के विधान परिषद सदस्य हैं।

विज्ञापन

इमामत छोड़ सिर्फ सियासत करें बुखारी:भाजपा

political parties condemn bukhari statement

भाजपा के प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा है कि जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी को अब इमामत छोड़ पूरे समय सियासत करनी चाहिए।

लंबे समय से उनकी दिलचस्पी धर्म से ज्यादा राजनीति में दिख रही है। वह हर चुनाव में कभी इस पार्टी को तो कभी उस पार्टी को वोट दिलाने का ठेका लेते हैं।

इस बार उन्होंने कांग्रेस को मुसलमानों का वोट दिलाने का ठेका लिया है।

वह देश के मुसलमानों को शायद अपना गुलाम समझते हैं जो जहां चाहेंगे वोट दिला देंगे। मुसलमान इनके बहकावे में आने वाला नहीं है।

कुछ और आए सपा के कुनबे में

political parties condemn bukhari statement

एक और बुखारी के बयान से सियासी गर्मी बढ़ी हुई थी, दूसरी ओर सपा के कुनबे में दूसरी पार्टियों के नेताओं का आना जारी था।

पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को भी भाजपा, पीस पार्टी और बसपा के लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने इन सबको सपा की सदस्यता दिलाई।

सपा में शामिल होने वालों में राजकुमारी कुशवाहा, राजकुमारी सिंह और उनके बेटे अनुज भदौरिया, सुल्तान सिंह कुशवाहा, इंद्रा कुशवाहा, सुरेंद्र कनौजिया शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed