'ये जीवन बोनस में इसलिए मिला है कि आगे देश व समाज के लिए काम करना है'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर यूपी के राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेताओं ने उन्हें याद किया और उन्हें श्रद्घांजलि दी। जानें, उन्होंने क्या कहा-
राज्यपाल रामनाईक ने कहा, युगांत हुआ! 21वीं सदी की भारतीय राजनीति के महानायक हमें छोड़ गए। मेरा आदर्श नेता, सच्चा हितैषी मैंने खोया। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अटल बिहारी वाजपेयी एक सर्वमान्य और लोकप्रिय नेता थे। सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता थी उनमें। उनमें अपना बनाने की विशेष कला थी। उनकी चिरस्मृति देशवासियों को हमेशा प्रेरणा देती रहेगी। मैं 1994 में जब कैंसर से पीड़ित था तो अटलजी मुझसे मिलने मुंबई आए थे। मेरे स्वस्थ होने पर 25 सितंबर 1994 को मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में अटलजी के शब्द थे-रामभाऊ मृत्यु के दरवाजे से वापस आए हैं। बोनस में मिला जीवन इस बात का संकेत है कि आगे देश और समाज के लिए और काम करना है। अब ऐसा उत्साहवर्धन करने वाला मित्रवत नेता कभी नहीं मिलेगा।
भारत की राजनीति के महायुग का अवसान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत की राजनीति में मूल्यों और आदर्शों को प्राथमिकता देने वाले, स्वतंत्र भारत के ढांचागत विकास के दूरद्रष्टा, भारतीय राजनीति के शलाका पुरुष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन भारत की राजनीति के महायुग का अवसान है। अटलजी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि था। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में अटलजी जैसा विराट व्यक्तित्व मिलना कठिन है। उनका 6 दशक का निष्कलंक राजनीतिक जीवन हमेशा याद किया जाएगा। अटलजी ने राजनीति को मूल्यों और सिद्धांतों से जोड़कर देश में सुशासन की आधारशिला रखी थी। ओजस्वी वक्ता और प्रखर सांसद के रूप में उनकी विशिष्ट पहचान थी। मुझे भी अटलजी के साथ सार्वजनिक जीवन में सहभागी होने और संसद में कार्य करने का सुअवसर प्राप्त हुआ।
महान जीवन का अंत, सदैव जीवित रहेगी प्रेरणा
पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से एक महान जीवन का अंत हो गया लेकिन उनकी प्रेरणा सदैव जीवित रहेगी। वे ओजस्वी वक्ता और लोकप्रिय कवि थे। लखनऊ उनकी कर्मभूमि रहा। लखनऊ से सांसद निर्वाचित होकर ही वे प्रधानमंत्री बने थे। लोकसभा में उनके भाषणों को बड़े ध्यान से सुना जाता था। विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। विचारधारा से असहमति के बावजूद वे विरोधी नेताओं के प्रति सम्मान भाव रखते थे।
देश ने सर्वप्रिय राजनेता व विराट व्यक्तित्व खोया
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अटलजी का पूरा जीवन राष्ट्र व समाजसेवा के लिए समर्पित रहा। उनकी वाक्पटुता व राजनीतिक शैली की सभी राजनीतिक दल प्रशंसा करते रहे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और मार्गदर्शन सदा देश के साथ रहेगा। उनके निधन से भारत ने एक ऐसे सर्वप्रिय राजनेता व विराट व्यक्तित्व को खो दिया है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
पार्टी हित से ऊपर उठकर देश की भलाई के लिए काम किया
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि सांसद, केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी के अमूल्य योगदान को लोग लगातार याद करते रहे हैं और आगे भी याद करते रहेंगे। कवि मन वाले वाजपेयी ऐसे नेता थे जो भारतीय जनसंघ व बाद में इसके नए अवतार बीजेपी में रहने के बावजूद व्यापक स्तर पर सम्मान की दृष्टि से देखे जाते थे। उन्होंने पार्टी व सरकार में रहते हुए अनेक मौकों पर पार्टी हित से ऊपर उठकर समाज व देश की भलाई के लिए काम किया।
भारतीय राजनीति व समाज की अपूरणीय क्षति
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के अप्रतिम सेनानी थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर को देखा। नेहरूजी और इंदिराजी के दौर में भारत के निर्माण को भी देखा। विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी अनुकरणीय सेवा देश को दी। उनका निधन भारतीय राजनीति और समाज की अपूरणीय क्षति है।