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अब सिपाही के हाथ में हथियार नहीं, होगा करंट वाला डंड , असलहे में होगी रबर बुलेट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 04 Oct 2018 11:22 AM IST
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डेमो
धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने को तैनात पुलिसकर्मियों के कंधे पर स्वचालित रायफल नहीं, हाथों में होगा करंट वाला डंडा और असलहों में रबर बुलेट होगी। मुठभेड़ या खास मौके पर ही घातक हथियारों का इस्तेमाल होगा।
विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर फजीहत होने पर आला अफसरों ने पुलिस की शस्त्र प्रणाली पर विचार शुरू किया है। अमेरिका व अन्य विकसित देशों की व्यवस्था पर मंत्रणा चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, हत्याकांड के बाद सिपाहियों को पिस्टल देने, प्रशिक्षण की खानापूरी के चलते पुलिसकर्मियों पर संयम की कमी व अन्य बातें सामने आईं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान स्वचालित हथियारों से लैस पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए जाने पर सवाल उठा है। अफसरों का मानना है कि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पानी की बौछार, आंसू गैस या डंडे की ही जरूरत होती है।
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विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर फजीहत होने पर आला अफसरों ने पुलिस की शस्त्र प्रणाली पर विचार शुरू किया है। अमेरिका व अन्य विकसित देशों की व्यवस्था पर मंत्रणा चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, हत्याकांड के बाद सिपाहियों को पिस्टल देने, प्रशिक्षण की खानापूरी के चलते पुलिसकर्मियों पर संयम की कमी व अन्य बातें सामने आईं।
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धरना-प्रदर्शन के दौरान स्वचालित हथियारों से लैस पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए जाने पर सवाल उठा है। अफसरों का मानना है कि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पानी की बौछार, आंसू गैस या डंडे की ही जरूरत होती है।
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अमेरिका समेत अन्य देशों में कारगर व्यवस्था
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पुलिस से झड़प व हाथापाई के अनेक मामले सामने आए हैं। ऐसे में भीड़ के बीच मौजूद पुलिसकर्मी के पास स्वचालित हथियार खतरनाक साबित हो सकता है। खुफिया तंत्र की ओर से आग्नेयास्त्रों को लेकर चेताया जा चुका है। विवेक हत्याकांड के बाद गश्त व पिकेट ड्यूटी के दौरान असलहों को लेकर मंथन चल रहा है।
आला अफसरों ने अमेरिका व अन्य विकसित देशों में कानून व्यवस्था के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले अस्त्र-शस्त्र के बारे में छानबीन शुरू की है। इनमें करंट वाला डंडा और रबर बुलेट को सबसे कारगर माना जा रहा है। करंट वाले डंडे से शरीर झनझना जाता है, जिस अंग पर वार दिया जाता है वह कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो जाता है। इसी तरह रबर बुलेट प्राणघातक नहीं होती।
आला अफसरों ने अमेरिका व अन्य विकसित देशों में कानून व्यवस्था के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले अस्त्र-शस्त्र के बारे में छानबीन शुरू की है। इनमें करंट वाला डंडा और रबर बुलेट को सबसे कारगर माना जा रहा है। करंट वाले डंडे से शरीर झनझना जाता है, जिस अंग पर वार दिया जाता है वह कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो जाता है। इसी तरह रबर बुलेट प्राणघातक नहीं होती।