अभिजीत हत्याकांड में बड़े भाई अभिषेक पर गहराया शक, पुलिस के हाथ लगा अहम सुराग
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विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत उर्फ विवेक यादव की हत्या में पुलिस की जांच पारिवारिक कलह पर टिकी है। पुलिस कई महीनों से परिवार में चल रहे मतभेद व विवादों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस की निगाह में यह बात खटक रही है कि परिवार में महज तीन सदस्य हैं। वह भी दो स्थानों पर रहते हैं।
अभिजीत हत्याकांड में पुलिस का शक उसके बड़े भाई अभिषेक यादव पर गहरा गया है। पुलिस ने दोनों भाइयों के चार दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसमें पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। यह भी पता चला था कि अभिषेक मां व भाई से अलग नरही वाले दूसरे फ्लैट में रहता था। पुलिस इसके पीछे की वजह तलाश रही है।
उधर, दारुलशफा में पड़ोसियों से पता चला कि करीब छह महीने से विधान परिषद के सभापति रमेश यादव दारुलशफा वाले फ्लैट पर नहीं आए थे। पुलिस का मानना है कि उन्होंने मीरा से दूरी बना ली थी। मीरा ने भी पुलिस को यह बात बताई थी।
झगड़े की बात पुख्ता
हत्याकांड में सवाल उठने लगे थे कि मीरा अकेले बेटे को कैसे मार सकती है। वहीं, अभिजीत की मौत की जानकारी होने पर जब हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची थी तो मीरा के साथ अभिषेक भी पोस्टमार्टम में आनाकानी कर रहा था। इससे पुलिस को शक है कि अभिषेक का हत्या में हाथ हो न हो, लेकिन साक्ष्य छुपाने में भूमिका हो सकती है। यह आशंका इसलिए भी मजबूत हो रही है क्योंकि उनके दोस्तों ने दोनों भाइयों के बीच झगड़ा होने की बात बताई है।
यह था पूरा मामला
दारुलशफा के बी-ब्लॉक के फ्लैट नंबर-137 में विधान परिषद के सभापति रमेश यादव की दूसरी पत्नी मीरा यादव अपने बेटे अभिजीत संग रहती थी। जबकि अभिषेक नरही स्थित एक अपार्टमेंट में रहता है। रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि अभिजीत की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। परिवार ने मौत को स्वाभाविक बताते हुए पोस्टमार्टम कराने से मना किया था। पर, पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। इसमें अभिजीत की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मीरा यादव को गिरफ्तार कर लिया था।