गायत्री प्रसाद पर कानून का शिकंजा कसा, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
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गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट में फंसे परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने मंगलवार को उसके गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास की तलाशी ली और आरोपों से संबंधित दस्तावेज जुटाए। वहीं, अमेठी में भी उनके निजी आवास पर दबिश दी।
आईजी सतीश गणेश, डीआईजी प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने गायत्री की गिरफ्तारी को लेकर रणनीति तैयार की। डीआईजी ने बताया कि गायत्री के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही कार्रवाई होगी।
कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में गायत्री
सूत्रों की माने तो गायत्री कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। गायत्री ने राजधानी के कुछ बड़े वकीलों से संपर्क कर सरेंडर की बात कही है। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
चुनाव बाद किसी भी वक्त गिरफ्तारी
कोर्ट के आदेश पर गायत्री के खिलाफ गैंगरेप व पॉक्सो का केस दर्ज करने वाली पुलिस कहती रही कि पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दो दिन पहले पीड़िता ने लखनऊ में सीजेएम के यहां आकर बयान भी दर्ज करा दिया। अब पुलिस साक्ष्य जुटाने की बात कह रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पुलिस चुनाव खत्म होने का इंतजार कर रही है। ऐसे में गायत्री की गिरफ्तारी आठ मार्च के बाद कभी भी हो सकती है।
मंत्री पर कार्रवाई से तय होगा बाकी आरोपियों का भविष्य
इस मामले में अन्य आरोपियों का भविष्य मंत्री गायत्री पर होने वाली कार्रवाई पर टिका है। सूत्रों के अनुसार, गैंगरेप में गायत्री व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तय है। हालांकि, गिरफ्तारी कब होगी, पुलिस इसका सीधा जवाब नहीं दे रही।
एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह का कहना है कि सुबूत जुटाए जा रहे हैं। मेरिट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जिस-जिस पर आरोप है, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।