बिगड़ी कानून-व्यवस्था, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई की मार और बिजली कटौती के विरोध में विधानभवन घेरने जा रहीं सपा महिला सभा की कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी।
आधा दर्जन से अधिक महिलाएं चोटिल हो गईं जबकि विधान परिषद सदस्य लीलावती कुशवाहा को बेहोश होने पर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार को जनविरोधी बताते हुए राज्यपाल से बर्खास्त करने की सिफारिश करने की मांग की।
समाजवादी महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह की अगुवाई में सैकड़ों महिला कार्यकर्ता दारुलशफा में जुटी थीं। यहां से वे जुलूस की शक्ल में हजरतगंज चौराहे पर पहुंची और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब आधा घंटा तक चले प्रदर्शन में यातायात बाधित रहा। यहां से कार्यकर्ता जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पहुंच गए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए गीता सिंह ने कहा, भाजपा सरकार पूरी तरह अक्षम साबित हुई है। महंगाई और बेरोजगारी रोकने में असफल है। ऐसे में राज्यपाल इसकी बर्खास्तगी के लिए सिफारिश करें। यहां से प्रदर्शनकारियों ने विधानभवन की ओर कूच किया तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों से पुलिस की नोकझोंक शुरू हो गई। उनके अड़े रहने पर पुलिस ने लाठी चलानी शुरू की तो भगदड़ मच गई। एमएलसी लीलावती कुशवाहा बेहोश हो गईं। प्रदर्शनकारियों में पूर्व सांसद सुशीला सरोज, नगर अध्यक्ष मुन्नी पाल, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष जरीना उस्मानी, युवजन सभा से विकास यादव, विजय सिंह, अनुराग यादव, मनीष सिंह शामिल रहे।