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बड़े गिरोह का खुलासा: अपहरण नहीं, हनी ट्रैप में फंसा था डॉक्टर, अश्लील वीडियो बना मांगे थे 30 लाख रुपये

Thu, 10 Dec 2020 04:32 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 10 Dec 2020 04:32 PM IST
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Police exposes a gang who was doing extortion from rich people in Lucknow.
आरोपी सचिन रावत और आरोपी नीशू - फोटो : अमर उजाला

डॉक्टर अखिलेेश चौबे का अपहरण नहीं हुआ था। शातिर महिला सना उर्फ तबस्सुम फातिमा ने उसे हनी ट्रैप किया था। इसके लिए पहले उसने अपनी बहन नीशू उर्फ कहकशां खान की अश्लील तस्वीरें दिखाकर ओमेक्स के एक फ्लैट पर बुलाया था।

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जहां डॉक्टर को बंधक बनाकर पिटाई की गई और अश्लील वीडियो बनाया व फोटो खींचे गए। इसे सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर 30 लाख की मांग की गई थी। इस संबंध में विभूतिखंड पुलिस ने एक युवती समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस का कहना है कि गिरोह के फरार पांच सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। गिरोह काफी बड़ा है और शहर में कई लोगों को हनी ट्रैप का शिकार बना चुका है। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, गुडंबा के कल्याणपुर निवासी अखिलेश चौबे दांताें के डॉक्टर हैं।
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उसकी सना से पहले से दोस्ती थी। दोनों के बीच अश्लील चैटिंग के रिकॉर्ड भी मिले हैं। सना गिरोह के एक गुर्गे आदिल की पत्नी है। वारदात से पहले चैटिंग के दौरान ही सना ने अपनी बहन नीशू की कुछ अश्लील तस्वीरें और वीडियो डॉ. अखिलेश को भेजे थे। 

जाल में फंसने के बाद ही सना ने एक दिसंबर की रात को डॉ. अखिलेश को कॉल कर ओमेक्स बिल्डिंग फेस-2 में फ्लैट नंबर 1302 में आने को कहा। जहां पहुंचने के बाद कुछ देर तक सना ने डॉक्टर को बातों में उलझाए रखा। इस बीच गिरोह के अन्य सदस्य भी आ धमके और डॉक्टर को पीटने के बाद कमरे में बंधक बना लिया। फ्लैट की चाबी गिरोह के बलराम वर्मा के पास रहती है। जबकि फ्लैट मालिक यहां नहीं रहते हैं। 

डॉक्टर को पिलाई शराब, खींचीं अश्लील तस्वीरें

एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र सिंह ने बताया कि पिटाई करने के बाद आरोपियों ने डॉक्टर को शराब पिलाई और नीशू के साथ आपत्तिजनक फोटो खींचे और वीडियो भी बनाया। इससे पहले डॉक्टर के पास रखे 30 हजार नकद व चार एटीएम कार्ड भी छीन लिए।

पासवर्ड गलत होने के चलते आरोपी एटीएम से पैसे नहीं निकाल सके। इससे चिढ़कर आरोपियों ने फिर डॉक्टर की पिटाई की।  बेहोश होने के बाद डॉक्टर को कमरे में ले गए और अश्लील वीडियो बनाया व फोटो खींचे। 

वायरल करने की धमकी दे मांगी मोटी रकम 
एसीपी विभूतिखंड ने बताया कि गिरोह ने वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर डॉक्टर से 30 लाख रुपये मांगे। गिड़गिड़ाने पर भी जब आरोपी नहीं माने तो डॉक्टर ने कई परिचितों को फोन कर मदद मांगी, लेकिन कोई भी इतनी बड़ी रकम देने को तैयार नहीं हुआ। इस बीच उनकी बात टेढ़ी पुलिया के पास रहने वाले डॉ. संतोष राय से हुई तो वे दो लाख रुपये देने को  राजी हुए। 

डॉक्टर को उसकी ही कार से ले गए थे 

पुलिस के अनुसार, गिरोह के दो गुर्गे डॉ. अखिलेश को उनकी ही कार से टेढ़ी पुलिया ले गए। निगरानी के लिए पीछे-पीछे बाइक से एक और गुर्गा सचिन रावत भी चल रहा था। तय स्थान पर पहुंचने के बाद डॉ. अखिलेश ने साथी डॉ. संतोष राय से मुलाकात की।

बातचीत के दौरान ही मौका पाकर दोनों विकास नगर थाने की ओर जान बचाकर भाग निकले। थाने से पहले ही पुलिस की जीप देखते ही दोनों डॉक्टर रुक गए। पीछा कर रहे आरोपी भी पुलिस जीप देखते ही भाग निकले। इसके बाद पीड़ित ने विभूतिखंड थाने पहुुंचकर पुलिस को पूरी घटना बताई। मामले की जांच में जुटी पुलिस को बृहस्पतिवार को सफलता मिली और गिरोह के सचिन रावत और नीशू को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के अन्य पांच सदस्यों आदिल, बलराम वर्मा, प्रवेश जायसवाल, नजर अब्बास और सना की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। 

रंगदारी और अपहरण भी करता है गिरोह
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड संजय शुक्ल के मुताबिक, आरोपियों ने कुबूला कि गिरोह कमिश्नरेट में कई लोगों को शिकार बना चुका है। गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, पुणे, महाराष्ट्र, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, रायपुर व गुड़गांव में भी फैला है। गिरोह की महिलाएं बिल्डर, चिकित्सक, बड़े कारोबारी और अधिकारियों को जाल में फंसाकर खाली फ्लैट या महंगे होटल में बुलाती हैं। इसके बाद अश्लील वीडियो व फोटो बनाकर गिरोह मोटी रकम वसूलता है। गिरोह हनी ट्रैपिंग, अपहरण कर फिरौती मांगने और रंगदारी का काम करता है।

कई नामों का इस्तेमाल करती हैं युवतियां
पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल युवतियां अलग-अलग नामों से लोगों से दोस्ती करती हैं। गिरफ्तार युवती नीशू का दूसरा नाम कहकशां है। जबकि उसकी बहन सना के दो नाम तबस्सुम फातिमा और देवांशी हैं। 

इस टीम ने किया खुलासा
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड संजय शुक्ला, चिनहट के अतिरिक्त निरीक्षक मो. अशरफ, क्राइम ब्रांच के अशोक कुमार, एसआई रणविजय सिंह, प्रवीण कुमार गौतम, अमित कुमार सिंह, अमरेंद्र यादव, जय प्रकाश, हेड कांस्टेबल अरूण कुमार, अनिल कुमार उपाध्याय, कांस्टेबल रविंद्र कुमार, संदीप जायसवाल, कुलबंत, सुनील कुमार कुशवाहा और श्वेता चौहान।  
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