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अपने ही सिपाही का शव लेने दो घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस, ड्यूटी पर जाते समय ट्रक ने रौंद दिया था

Tue, 12 Jan 2021 08:48 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 12 Jan 2021 08:48 PM IST
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Police did not arrive for two hours to take the corpse of his own soldier, the truck was crushed while going on duty
लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर रतापुर के पास मंगलवार तड़के बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार मुख्य आरक्षी को कुचल दिया। इससे मुख्य आरक्षी की मौके पर मौत हो गई। दो घंटे तक पुलिस कर्मी का शव हाईवे पर पड़ा रहा, लेकिन किसी ने शव को हटाने की जहमत नहीं उठाई। रतापुुर चौराहा पर पुलिस बूथ भी बना है, लेकिन वहां पर कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं था। अपने ही सिपाही का शव दो घंटे तक पड़ा रहा लेकिन स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और वाहन शव के पास से होकर गुजरते रहे। बाद में स्थानीय लोगों की सूचना पर पवन मोबाइल पर तैनात सिपाही पहुंचे और शव को हटाया। इसके बाद स्थानीय थाने की पुलिस और अफसर मौके पर पहुंचे। पुलिस की इस ढिलाई पर क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है।
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मूलरूप से हरदोई जिले के बघौली थाना क्षेत्र के रसूलपुर पोस्ट चौसा गांव निवासी मुनेश्वर दयाल वर्मा (45) की तैनाती मिल एरिया थाने में थी। मंगलवार सुबह छह बजे वह बाइक से शहर के राना नगर में ड्यूटी करने जा रहे थे। तभी हाईवे पर रतापुर के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। इससे मुनेश्वर दयाल की मौके पर ही मौत हो गई। हद तब हो गई, जब दो घंटे तक हाईवे पर मुनेश्वर का शव पड़ा रहा। कोई पुलिस कर्मी वहां मौजूद नहीं था। मिल एरिया थाने की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
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स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि समय रहते पुलिस पहुंच जाती और उसे अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो जान बच सकती थी। बाद में स्थानीय लोगों की सूचना पर पवन मोबाइल पर तैनात सिपाही पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। इसके बाद पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे। हादसे में मुख्य आरक्षी की बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भाग गया। कार्यवाहक थानेदार अरुणेश गुप्ता ने बताया कि अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।  
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पांच साल से जिले में तैनात थे मुनेश्वर दयाल
मुख्य आरक्षी मुनेश्वर दयाल तीन साल से जिले में तैनात थे। वर्ष 2015 में मुख्य आरक्षी की जिले में तैनाती हुई थी। लालगंज, नसीराबाद थाने के बाद मिल एरिया थाने में तैनाती थी। 1988 में वह पुलिस में भर्ती हुए थे। उनके भाई रामसजीवन वर्मा पुलिस विभाग में ही लखनऊ में तैनात हैं। मुख्य आरक्षी की मौत से उनके साथी गमगीन दिखे।


अफसरों ने दी अंतिम विदाई, भाई-बेटे रो पड़े
पोस्टमार्टम के बाद मुख्य आरक्षी का पार्थिव शरीर पुलिस लाइंस ले जाया गया। यहां पर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव, सीओ सदर डॉ.अंजनी कुमार चतुर्वेदी, प्रतिसार निरीक्षक बृजेंद्र सिंह, निरीक्षक पंकज तिवारी आदि ने मुख्य आरक्षी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किया। पुलिस कर्मियों ने सलामी दी। इसके बाद उनका शव हरदोई ले जाया गया। भाई की मौत से रामसजीवन और बेटे राजीव  के आंसू नहीं थम रहे थे।
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