जेल से छूटे बेगुनाहों ने बताया कैसे टॉर्चर करती है पुलिस
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लखनऊ के पारा थाने की पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने जिन चार युवकों को सीरियल किलर सलीम का शूटर बताकर जेल भेजा था, उनमें से तीन को मंगलवार सुबह जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जेल से छूटकर बाहर आए युवकों अफजल, अनवर और तमीम ने बताया कि किस तरह से पुलिस ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर उन्हें स्क्रिप्ट रटाई और झूठ कुबूल कराया।
हफ्ता भर बाद जेल से छूटे तमीम ने बताया कि अकील ने 9 जनवरी की रात उसे फोन करके बुलाया था। एक फ्लैट में ले जाकर बंधक बनाया। कहा कि तुम्हें श्रवण साहू द्वारा मेरी हत्या के लिए 20 लाख की सुपारी दिए जाने का बयान देना है।
मेरे दोस्त पुलिस वाले तुम्हें मामूली धारा में जेल भेजेंगे। तुरंत जमानत हो जाएगी। तमीम अपनी शादी की तैयारी की बात कहकर गिड़गिड़ाया तो अकील ने साथियों की मदद से उसे पीटा। अगले दिन मोहान पुलिस चौकी ले गए।
वहां क्राइम ब्रांच की टीम ने अंगुलियों के बीच कारतूस फंसाकर खूब टॉर्चर किया। उसने अकील और क्राइम ब्रांच द्वारा रटाई कहानी बोलनी शुरू कर दी। तमीम का कहना है कि चारों लोगों ने पिटाई के चलते अकील की ‘हां’ में ‘हां’ मिला दी।
सोचा था कि जेल भेजने से पहले किसी अफसर या मीडिया के सामने ले जाया जाएगा। वहां सच बोल देंगे। चारों लोग 10 जनवरी की रात से 11 की सुबह तक थाने में बैठाए रखे गए। न तो थानेदार सामने आए और न ही कोई अफसर दिखा। चारों को कोर्ट से जेल भेज दिया गया। घरवालों को भी चालान के बाद भनक लगी।
क्राइम ब्रांच ने किया था असलहों का इंतजाम
जेल में बंद चौथे युवक कामरान से एसएसपी मंजिल सैनी ने मंगलवार को बयान दर्ज किए। वह भी अपनी बेगुनाही की दुहाई देता रहा। इधर, खेल के मास्टर माइंड अपराधी के कॉल डिटेल से उसके दोस्त पुलिस वालों की सूची तैयार की गई है और बेगुनाहों को जेल भेजने की साजिश में शामिल पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है।
जेल में बंद कामरान ने एसएसपी को बताया कि अकील ने अपने दोस्तों की मदद से चारों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा। उन्हें फ्लैट में बंधक बनाकर डराया, धमकाया और पीटकर स्क्रिप्ट रटाई।
अकील व क्राइम ब्रांच की टीम दो पिस्टल व दो तमंचों का पहले से इंतजाम कर चुकी थी। चारों को मोहान चौकी ले जाकर फिर से पिटाई की गई। क्राइम ब्रांच के दरोगा ने कहा कि आर्म्स एक्ट में जेल भेज रहे हैं, जल्द जमानत हो जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि जवान बेटे की हत्या के केस की पैरवी कर रहे सआदतगंज निवासी श्रवण साहू को हत्या आरोपी अकील अंसारी ने पुलिस की साठगांठ से फर्जी केस में फंसाने की साजिश रची थी।
क्राइम ब्रांच व पारा थाने की पुलिस द्वारा चार युवकों को सलीम का शूटर बताकर 10 जनवरी को गिरफ्तार किया गया और श्रवण साहू द्वारा अकील की हत्या के लिए 20 लाख की सुपारी देने का थाने के रोजनामचे में जिक्र किया था।
अपराधी के इशारे पर पुलिस के खेल की जांच के चलते वह चारों युवकों के बयान दर्ज करने मंगलवार दोपहर जिला जेल पहुंची। पता चला कि अफजल, तमीम और अनवर सुबह ही जमानत पर रिहा किए जा चुके हैं।
एसएसपी ने जेल में बंद कामरान के बयान दर्ज किए। तीनों के परिवारीजनों ने 11 जनवरी को कोर्ट में चालान पहुंचते ही जमानत की अर्जी दी थी, जबकि उसकी तरफ से अर्जी न दिए जाने से जमानत नहीं हुई है।