{"_id":"5de495f28ebc3e54b121a686","slug":"police-arrested-robber-through-e-challan-and-trinetra-app","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ई-चालान और त्रिनेत्र एप से लुटेरे तक पहुंची पुलिस, गाजीपुर में हुई लूट की घटना का पर्दाफाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई-चालान और त्रिनेत्र एप से लुटेरे तक पहुंची पुलिस, गाजीपुर में हुई लूट की घटना का पर्दाफाश
Mon, 02 Dec 2019 10:11 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 02 Dec 2019 10:11 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
गाजीपुर पुलिस को तकनीक का प्रयोग कर लूट की एक घटना का खुलासा करने में कामयाबी हासिल हुई है। इस घटना में ई-चालान में ली गई फोटो का ‘त्रिनेत्र एप’ के डाटाबेस से मिलान कर अपराधी तक पहुंचने में मदद मिली।
एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने तकनीक के सहारे घटना का खुलासा करने वाली टीम की प्रशंसा की है और अन्य जनपदों की पुलिस को भी इस तरह की घटनाओं में उपलब्ध तकनीक का पूरा प्रयोग करने को कहा है।
जानकारी के अनुसार गाजीपुर जिले के जंगीपुर थानाक्षेत्र में 19 जुलाई को एक सेल्समैन सुनील वर्मा की मोटर साइकिल लूट ली गई थी। 24 अगस्त को उक्त गाड़ी का हेल्मेट न होने के कारण वाराणसी के चौकाघाट में ई चालान हो गया।
विज्ञापन
चालान कटने का मैसेज गाड़ी के मूल मालिक सुनील वर्मा के मोबाइल पर पहुंचा तो उन्होंने पुलिस से संपर्क कर जानकारी दी। गाजीपुर के एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने फौरन आईओ को वाराणसी भेजकर जानकारी हासिल करने के लिए कहा।
विज्ञापन
एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने तकनीक के सहारे घटना का खुलासा करने वाली टीम की प्रशंसा की है और अन्य जनपदों की पुलिस को भी इस तरह की घटनाओं में उपलब्ध तकनीक का पूरा प्रयोग करने को कहा है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार गाजीपुर जिले के जंगीपुर थानाक्षेत्र में 19 जुलाई को एक सेल्समैन सुनील वर्मा की मोटर साइकिल लूट ली गई थी। 24 अगस्त को उक्त गाड़ी का हेल्मेट न होने के कारण वाराणसी के चौकाघाट में ई चालान हो गया।
विज्ञापन
चालान कटने का मैसेज गाड़ी के मूल मालिक सुनील वर्मा के मोबाइल पर पहुंचा तो उन्होंने पुलिस से संपर्क कर जानकारी दी। गाजीपुर के एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने फौरन आईओ को वाराणसी भेजकर जानकारी हासिल करने के लिए कहा।
Trending Videos
चालान के लिए ली गई फोटो को साढ़े चार लाख अपराधियों के डाटा बेस वाले ‘त्रिनेत्र एप’ से सर्च कराया गया। एप से आजमगढ़ के लूट के एक अपराधी शिव बहादुर यादव की तस्वीर सामने आ गई जो चालान वाली फोटो से 84 प्रतिशत मेल खा रही थी।
त्रिनेत्र एप के ही माध्यम से शिवबहादुर के आजमगढ़ के पते पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि वह अब अपने ससुराल में रहता है। पुलिस आजमगढ़ के मेंहनगर स्थित ससुराल पहुंची तो पता चला कि वह अब वहां नहीं रहता।
लेकिन उसके मोबाइल के बारे में जानकारी मिल गई। मोबाइल को सर्विलांस पर लेकर पुलिस ने आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर गाड़ी को मऊ से बरामद कर लिया गया। इस मामले में पुलिस तीन और अभियुक्तों को तलाश कर रही है।
त्रिनेत्र एप के ही माध्यम से शिवबहादुर के आजमगढ़ के पते पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि वह अब अपने ससुराल में रहता है। पुलिस आजमगढ़ के मेंहनगर स्थित ससुराल पहुंची तो पता चला कि वह अब वहां नहीं रहता।
लेकिन उसके मोबाइल के बारे में जानकारी मिल गई। मोबाइल को सर्विलांस पर लेकर पुलिस ने आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर गाड़ी को मऊ से बरामद कर लिया गया। इस मामले में पुलिस तीन और अभियुक्तों को तलाश कर रही है।
एडीजी एलओ ने सराहा, वाराणसी के आईजी ने दिया प्रशस्तिपत्र
तकनीक के प्रयोग से हुए इस खुलासे की एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने प्रशंसा की है। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों से इस तरह के प्रयोग की अपेक्षा की है।
रामाशास्त्री ने कहा है कि इस तरह की विवेचना करने वाले पुलिस कर्मियों को पुलिस वीक के दौरान सम्मानित किया जाएगा। वहीं वाराणसी रेंज के आईजी विजय सिंह मीना ने इस तरह के लूट कांड का खुलासा करने वाली टीम को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
साथ ही उन्होंने इसे मॉडल केस स्टडी के रूप में लिए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि तकनीक का बेहतर प्रयोग कर घटनाओं का खुलासा किया जाए।
रामाशास्त्री ने कहा है कि इस तरह की विवेचना करने वाले पुलिस कर्मियों को पुलिस वीक के दौरान सम्मानित किया जाएगा। वहीं वाराणसी रेंज के आईजी विजय सिंह मीना ने इस तरह के लूट कांड का खुलासा करने वाली टीम को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
साथ ही उन्होंने इसे मॉडल केस स्टडी के रूप में लिए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि तकनीक का बेहतर प्रयोग कर घटनाओं का खुलासा किया जाए।