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Lucknow News: ट्रॉमा के साथ अन्य वार्डों में मिलेगी न्यूमेटिक ट्यूब की सुविधा
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लखनऊ। मरीजों के खून के सैंपल भेजने के लिए केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के साथ अब अन्य वार्डों में भी न्यूमेटिक ट्यूब की सुविधा शुरू होगी। इसके बाद तीमारदारों को सैंपल लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी। पाइप के रास्ते वैक्यूम के माध्यम से सैंपल लैब तक पहुंच जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. प्रेमराज ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में न्यूरोलॉजी विभाग से यह व्यवस्था शुरू की गई है। फिलहाल सभी मरीजों के सैंपल न्यूमेटिक ट्यूब से नहीं जा पा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर काम करने वाली जांच एजेंसी को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। इसके बाद सभी सैंपल ट्यूब के माध्यम से भेजे जाएंगे। इसका दायरा शताब्दी भवन, गांधी वार्ड और अन्य प्रमुख वार्ड तक बढ़ाया जा रहा है। इससे तीमारदार और स्टाफ की दौड़ बच जाएगी।
न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम को समझें
न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम में हर वार्ड से पैथालॉजी तक पाइप डाले जाते हैं। इनमें वैक्यूम के जरिये खून के सैंपल डाल दिए जाते हैं। निर्धारित वैक्यूम की वजह से सैंपल कंप्यूटर के माध्यम से फीड किए स्थल पर पहुंच जाते हैं। लैब में इन्हें निकाल लिया जाता है। इससे सैंपल लेकर जाने के झंझट से मुक्ति मिलती है।
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एसजीपीजीआई में काम कर रहा है सिस्टम
संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम काम कर रहा है। तीमारदारों को मरीजों के सैंपल के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भी यह व्यवस्था शुरू होगी। इससे मरीजों की जांच रिपोर्ट भी जल्द आ सकेगी।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. प्रेमराज ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में न्यूरोलॉजी विभाग से यह व्यवस्था शुरू की गई है। फिलहाल सभी मरीजों के सैंपल न्यूमेटिक ट्यूब से नहीं जा पा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर काम करने वाली जांच एजेंसी को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। इसके बाद सभी सैंपल ट्यूब के माध्यम से भेजे जाएंगे। इसका दायरा शताब्दी भवन, गांधी वार्ड और अन्य प्रमुख वार्ड तक बढ़ाया जा रहा है। इससे तीमारदार और स्टाफ की दौड़ बच जाएगी।
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न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम को समझें
न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम में हर वार्ड से पैथालॉजी तक पाइप डाले जाते हैं। इनमें वैक्यूम के जरिये खून के सैंपल डाल दिए जाते हैं। निर्धारित वैक्यूम की वजह से सैंपल कंप्यूटर के माध्यम से फीड किए स्थल पर पहुंच जाते हैं। लैब में इन्हें निकाल लिया जाता है। इससे सैंपल लेकर जाने के झंझट से मुक्ति मिलती है।
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एसजीपीजीआई में काम कर रहा है सिस्टम
संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम काम कर रहा है। तीमारदारों को मरीजों के सैंपल के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भी यह व्यवस्था शुरू होगी। इससे मरीजों की जांच रिपोर्ट भी जल्द आ सकेगी।