फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   PM Narendra Modi will inaugrate the programme of Chauri chaura.

चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष में साल भर चलने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, गूंजेगा वंदे मातरम

Wed, 03 Feb 2021 04:32 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 03 Feb 2021 04:32 PM IST
विज्ञापन
PM Narendra Modi will inaugrate the programme of Chauri chaura.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई

दिन शनिवार। चार फरवरी-1922। इसी दिन गोरखपुर से पश्चिम करीब 20 किलोमीटर दूर चौरी-चौरा में एक घटना घटी। इस घटना की वजह से महात्मा गांधी को अपना आंदोलन वापस लेना पड़ा था। तबके इतिहासकारों ने इतिहास का रुख मोड़ देने वाली इस घटना को कोई खास तवज्जो नहीं दिया। नामचीन इतिहासकारों की किताबों में चंद लाइनों में इस घटना का जिक्र है। आजादी के बाद भी किसी ने इस भूल को सुधारने की कोशिश नहीं की।

विज्ञापन


देश की स्वाधीनता के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूलने वालों, आजीवन करावास की सजा पाने वालों और अंग्रेजों के जुल्म के शिकार लोगों को शहीद और स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा पाने में वर्षों लग गए। चार फरवरी 2021 से शुरू और साल भर चलने वाले चौरी-चौरा के शताब्दी वर्ष पर पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उनकी सरकार चौरी-चौरा शहीदों और उनके परिजनों को वह सम्मान देने जा रही है जिसके वह हकदार हैं।
विज्ञापन


कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस दिन पूरे प्रदेश में एक साथ, एक समय पर वंदे मातरम गूंजेगा। सुबह प्रभात फेरी निकलेगी। शाम को हर शहीद स्थल पर दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। शहीदों की याद में अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इतिहास ने की अनदेखी पर लोकगीतों में बने रहे नायक
तब के इतिहासकारों ने भले चौरी-चौरा की घटना को अपने चश्में से देखते हुए इसको कमतर आंका हो, पर स्थानीय लोगों के लिए तो शहादत देने वाले उनके नायक थे। इसी वजह से पूर्वांचल के लोकगीतों में यह अब भी जिंदा हैं। ये लोकगीत घटना के बाद से अब तक जब भी गाये जाते हैं लोग रोमांचित हो जाते हैं।

लोकगीतों में चौरी-चौरा के नायक

इनमें से ( कोमल वीर मस्ताना फुंकले चौरी-चौरा थाना) तो किसी जमाने में बेहद लोकप्रिय था। इसके अलावा भी कोमल को लेकर एक लोकगीत (सहुआकोल में कोमल तपले, फूँकले चौरा थाना, ठीक दुपहरिया चौरा जर गइल, कोई मरम नहीं जाना) और वीर रस की एक कविता (भडके अहीर गांव के सारे, दई थाने में आग लगाय। काट गिराया थानेदार को,गई खबर हिंद में छाय....। खबर सुनी जब गांधी जी ने,दहशत गई बदन में छाय। फैली अशांति कुछ भारत में, आंदोलन को दिया थमाय,सोचा कुछ हो शायद उनसे गलती गए यहां पर खाय। मौका मिली फेरि गोरों को दीनी यहां फूट कराय।मची फूट फेरि भारत में,रक्षा करें भगवती माय। खूब लडाया हम दोनों को ,मतलब अपना लिया बनाय। बने खूब हम पागल कैसे, जरा सोचना दिल में भाय) भी कभी-कभी सुनने को मिलती है।

क्रांतिकारी आंदाेलन के विस्तार में चौरी-चौरा की बड़ी भूमिका
दरअसल 13 अप्रैल 1919 को हुआ जलियावाला बाग कांड और चौरी-चौरा की इस घटना के बाद से ही जंगे आजादी में चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लाहिड़ी, आशफाक उल्लाह जैसे क्रातिकारी सोच के लोग हारावल दस्ते के रूप में उभरे। इन सबका मानना था कि आजादी सिर्फ अहिंसा से मिलने से रही। उस दौरान गोरखपुर ऐसे क्रांतिकारियों का गढ़ बन गया था। काकोरी कांड के आरोप में रामप्रसाद बिस्मिल ने वहीं के जेल में सजा काटी। वहीं 10 दिसंबर 1927 को उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। शचींद्र नाथ सान्याल, प्रो.सिब्बन लाल सक्सेना, विश्वनाथ मुखर्जी, शिवरतन लाल, जामिन अली आदि का शुमार ऐसे ही लोगों में होता है।

सान्याल ने तो यहीं पर अंतिम सांस ली

यहां शचिन्द्र सान्याल का जिक्र थोड़ा प्रासंगिक होगा। शचिंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े थे। सारे के सारे भाई आजादी के प्रति इतने दीवाने हों यह खुद में अपवाद है। रवीद्रनाथ सान्याल को बनारस षड्यंत्र में शामिल थे। जीतेंद्रनाथ सान्याल को बनारस ओर लाहौर के षडयंत्र के आरोप में सजा मिली थी। भूपेंद्र नाथ सान्याल काकोरी कांड के आरोपी थे। शचीन्द्रनाथ सान्याल को अन्य सजाओं के साथ दो बार काला पानी की सजा हुई। अपने 52 साल के जीवन के 25 साल उन्होंने जेल में ही गुजारे। अंतिम सांस भी उन्होंने गोरखपुर के दाउदपुर मोहल्ले में ली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed