तैयारी 2019 की: मोदी से लेकर योगी तक करेंगे भाजपा के बूथ ‘योद्धाओं’ का अभिनंदन
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लोकसभा चुनाव की राह आसान और बूथों के कील कांटे दुरुस्त करने के लिए भाजपा शनिवार से छह दिवसीय ‘बूथ समिति के सदस्यों’ (बूथ योद्धाओं) के अभिनंदन का अभियान शुरू करेगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा समेत प्रदेश व केंद्र सरकार के सभी मंत्री, सांसद, विधायक शामिल होंगे।
इसके लिए प्रधानमंत्री को छोड़कर सभी को दस-दस बूथों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान का मकसद बूथों पर पार्टी के लिए चुनावी लड़ाई लड़ने वाले ‘योद्धाओं’ का हौसला बढ़ाना तथा उनके इलाके में उनकी साख व प्रभाव बढ़ाने का संदेश देकर समीकरण साधना भी है। मुख्यमंत्री आवास पर शुक्रवार रात संघ के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में इस अभियान को अंतिम रूप देकर कुछ अन्य योजनाएं भी बनाई गईं।
मंत्रियों को अपने क्षेत्र व पदाधिकारियों को गृह जिले की जिम्मेदारी
प्रदेश के मंत्रियों को और विधायकों को अपने-अपने चुनाव क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। इन्हें अलग-अलग सेक्टर में कम से कम एक-एक बूथ पर हर हालत में पहुंचने का जिम्मा सौंपा गया है। छह दिवसीय इस अभियान में विधायकों और मंत्रियों का उनके पूरे क्षेत्र के प्रत्येक सेक्टर में संपर्क और संवाद कराया जाएगा। इसीलिए सांसदों को अपने क्षेत्र की विधानसभा की सभी सीटों के कम से कम एक-एक सेक्टर में बूथ समितियों के सदस्यों का सम्मान करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रभारी प्रदेश महामंत्रियों को छोड़कर सभी पदाधिकारियों को गृह जिले के दस-दस बूथों पर बूथ समितियों के कार्यकर्ताओं का सम्मान करना होगा।
इस तरह चलेगा अभियान
बूथ समितियों के सदस्यों को पार्टी का पटका और माला पहनाकर सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद मंत्री, विधायक और सांसद सदस्यों के साथ संबंधित क्षेत्र में लोगों से संपर्क करेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों की कोशिश इस बहाने बूथ समितियों के सदस्यों का स्थानीय लोगों के बीच प्रभाव बढ़ाना है। उन्हें यह संदेश देना है कि मिशन-2019 की फतह के लिए वे एकजुट हैं।
यह होंगे काम
भाजपा प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि पार्टी उन दलों में से नहीं है जो वोट लेकर लोगों को भूल जाते हैं। हमारी कोशिश लोगों से सतत संवाद और संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान कराना हैं। बूथों के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए संगठनात्मक ढांचे को नीचे तक निरंतर सक्रिय और गतिशील बनाना है। बूथ पर कार्यकर्ता हमारे संगठन के तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बूथों के लोग अगर इन्हें अपनी समस्याएं बताएंगे तो उसका भी समाधान कराना संगठन तथा सरकार की जिम्मेदारी है। जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत पार्टी के लोग बूथ समितियों की सक्रियता, वहां हुई सदस्यता, लाभार्थियों से संवाद और संपर्क की स्थिति और उनकी संख्या तथा बूथों के सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों की जानकारी जुटाएंगे। जिससे उस आधार पर आगे की चुनावी रणनीति तय की जा सके।
17 नवंबर की बाइक रैली पर भी ध्यान
पांच दिवसीय इस अभियान में 17 नवंबर की बाइक रैली की सफलता के लिए भी बातचीत का काम सभी को सौंपने का फैसला किया गया है। भाजपा की योजना 17 नवंबर को प्रदेश में लोकसभा की सभी 80 सीटों में प्रत्येक बूथ से पांच कार्यकर्ताओं की बाइक रैली निकालकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की है। पार्टी की कोशिश है कि उस दिन लोकसभा के प्रत्येक क्षेत्र में काम से कम दस हजार बाइक सवार कार्यकर्ता निकलकर लोगों को भाजपा के पक्ष में चल रही हवा का एहसास कराएं तथा माहौल बनाए। बाइक रैली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित सभी मंत्री, सांसद व विधायक भी हिस्सा लेंगे।
सदस्यता दो करोड़ करने का लक्ष्य
प्रदेश में भाजपा के अभी सवा करोड़ सदस्य हैं। पार्टी का लक्ष्य सदस्यों की संख्या दो करोड़ पहुंचाने की है। इसके लिए पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर कम से कम 50 नए सदस्य बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। बूथ समितियों के सम्मान अभियान के दौरान प्रत्येक बूथ पर नए बने सदस्यों की हकीकत भी समझने की तैयारी है। वैसे पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए सदस्यता अभियान के तहत प्रदेश में लगभग 40 लाख सदस्य बन गए हैं। पार्टी इनकी सदस्यता के सत्यापन का भी फैसला किया है। बैठक में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल सहित अन्य कुछ प्रमुख लोग शामिल थे।