बदल गई है प्रधानमंत्री के गोद लिए गांव जयापुर की तस्वीर, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
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सांसद आदर्श ग्राम योजना का शुभारंभ करते समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि इस टर्म में कुल 3 गांवों की परिकल्पना की गई है। 2016 तक एक मॉडल गांव खड़ा हो जाए तो उसके अनुभव के आधार पर 2019 तक दो और गांव हो जाएंगे।
पीएम ने अपने संसदीय क्षेत्र में सबसे पहले जिस जयापुर गांव का चयन किया था उसे मॉडल गांव की श्रेणी में गिना जा सकता है। इसी के आधार पर उनके संसदीय क्षेत्र के नागेपुर गांव को विकसित किया जा रहा है। मोदी की परिकल्पना उनके अपने गांवों में तो साकार होती नजर आ रही है लेकिन दूसरे सांसद इस कसौटी पर खरा नहीं उतर पाए हैं। उनके गांव अभी आदर्श बनने से बहूत दूर है।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने 11 अक्तूबर 2014 को लोकनायक जय प्रकाश नारायण की जयंती पर सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरूआत की थी। हर सांसद को पहले एक- एक गांव गोद लेकर उसे आदर्श गांव के रूप में विकसित करना था। इसके बाद दो और गांवों का चयन कर विकसित कराना था। सोच यह थी कि लोकसभाए राज्यसभा के लगभग 800 सांसद 2019 तक तीन-तीन गांवों का चयन करेंगे तो लगभग ढाई हजार मॉडल गांव तैयार हो जाएंगे।
पीएम ने कहा था इन गांवों की देखादेखी दूसरे गांव भी विकास की दौड़ में शामिल होंगे। 2016 के बाद अपने क्षेत्रों में काम करने वाला सांसद रिश्तेदारों से कहेगा कि मैने जो मॉडल गांव बनाया है उसे देखने आइये।
इंटरलॉकिंग से बनाई गईं सड़के
करीब पौने तीन साल बाद मॉडल गांवों को लेकर प्रधानमंत्री का विजन पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाया। जयापुर और नागेपुर की तुलना दूसरे सांसदों के गांवों से नहीं की जा सकती।
जयापुर को मॉडल गांव के रूप में खड़ा करते समय बिजली सफाई पेयजल सड़क सुविधाओं और गरीबों के आवास के साथ ही रोजगार सृजन पर ध्यान दिया गया है। इस दौरान कई नए अनुभव भी हुए। दो साल पहले जयापुर गांव में मुख्य सड़कों व गलियों में इंटरलॉकिंग से सड़के बनाई गईं थी।
कुछ माह बाद ही इंटरलॉकिंग उखड़ गईं। लगभग 5 महीने पहले सीसी रोड के निर्माण का काम शुरू हआ था। अभी यह पूरा नहीं हो पाया है। ग्राम प्रधान नारायण पटेल कहते हैं कि गांव में काम बहुत हुआ है लेकिन प्लानिंग में कुछ खामियां रहीं हैं। गांव में 135 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गईं थी।
कुछ माह बाद ही 40.50 स्ट्रीट लाइट के पैनल चोरी हो गए। जलापूर्ति के लिए तीन नलकूप लगाए गए। उनसे पाइप लाइन के जरिये पानी की सप्लाई करनी थी लेकिन यह सफल नहीं रहा। टेल तक पानी नहीं पहुंचा। अब पानी की टंकी बनाई गई है। पाइप लगान बिछाकर पानी की सप्लाई की जाएगी। सोलर प्लांट लगाकर उनसे स्ट्रीट लाइट को जोडऩे की योजना है।
14 परिवारों को अटल नगर बनाकर बसाया
देश दुनिया में पहचान बनाने वाले जयापुर की तस्वीर काफी हद तक बदल चुकी है। वाराणसी जिले के सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के इस गांव में मुसहर समाज के 14 परिवारों को अटल नगर बनाकर बसाया गया है। बैंक शाखाए डाकघर बन चुके हैं।
मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र नंदघर बना है। पूरे गांव में शौचालय बन गए हैं सोलर पॉवर प्लांट लग चुका है। कूड़ा निस्तारण केंद्र तैयार हो रहा है मुख्य रोड सीसी से बन रही है। 24 हैंडपंप रिबोर हो गए हैं। सिलाई केद्र ब्यूटीशियन सेंटर के साथ ही खादी ग्रामोद्योग ने महिलाओं को रोजगार देने की पहल की है।
चरखे पर सूत की कताई से लगभग 350 महिलाओं को काम मिल रहा है। पीएचसी बन रही हैए प्राइमरी स्कूल की बाउंड्रीवॉल बन रही है। युवा राहुल सिंह कहते हैं कि पहली बार गांव में गेहूं खरीद केंद्र खुला है।
बातचीत में कई ग्रामीणों यहां लड़कियों के लिए डिग्री कॉलेज एक इंटर कॉलेज मंडी की बेहतर व्यवस्था और रोडवेज बस बढ़ाने की मांग करते हैं। लड़कियों के कॉलेज पर उनका खासा जोर है। इस संबंध में पीएमओ तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं।
ग्राम प्रधान नारायण पटेल कहते हैं कि केंद्रीय मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिहं राज्यमंत्री हरसिमरन कौर अधिकारियों की पूरी टीम के साथ आए थे। उन्होंने जमीन उपलब्ध होने पर गांव में फूड प्रोसेसिंग सेंटर खुलवाने के लिए कहा था। उम्मीद है प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर इस दिशा में काम होगा।