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भटके पति की कहानी है ‘पिया परदेसी’
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 06 Jun 2014 10:27 AM IST
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शादी के बाद घर चलाने के लिए पिया परदेस गए और परदेस की चमक-धमक में खो गए। इधर पत्नी पर गांव वालों के सितम शुरू हो गए।
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सामाजिक ताने बाने से बुनी आशुतोष मिश्र लिखी कहानी के नाटक का मंचन बृहस्पतिवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में हुआ। बिदेसिया शैली के नाटक ‘पिया परदेसी’ के सवा घंटे के मंचन का निर्देशन शैलेश श्रीवास्तव ने किया।
मंचन में जानकी से शादी के बाद मुंबई कमाने गया बिरजू बाहर जाकर खूब पैसा कमाता है, लेकिन दूसरी औरत के चक्कर में पड़ जाता है। मगर कुछ समय बाद उन लोगों से धोखा खाने के बाद उसकी आंखें खुलती है।
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इधर गांव समाज वालों के ताने से ज्यादती झेल रही जानकी भी अपने ऊपर ढाए सितम का बदला लेने को कमर कसकर सामने आती है।