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Lucknow News: लखनऊ को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव पर मंथन
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डॉक्टर्स डे पर नेट जीरो हॉस्पिटल, सरोजनीनगर का हुआ शुभारंभ।
लखनऊ। इलाज के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल के तहत डॉक्टर्स डे पर बुधवार को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ''नेट जीरो हॉस्पिटल, सरोजनीनगर'' अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केजीएमयू, एसजीपीजीआई, आरएमएलआईएमएस सहित विभिन्न संस्थानों के 250 से अधिक डॉक्टरों, विभागाध्यक्षों, अस्पताल प्रशासकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को रोकथाम आधारित, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक से लैस करने के साथ ही राजधानी को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी पर मंथन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि सुश्रुत, महर्षि चरक और भारतरत्न डॉ. बीसी राय को श्रद्धांजलि देकर हुई। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि नेट जीरो हॉस्पिटल अभियान का उद्देश्य अस्पतालों को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक बनाना है। इसके तहत सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, हरित परिसर, कार्बन उत्सर्जन में कमी और बायोमेडिकल कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस मॉडल को विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों तक भी विस्तार देने की योजना है।
मानवता की सबसे बड़ी सेवा है चिकित्सा
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि डॉक्टर केवल इलाज करने वाले पेशेवर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम हैं। भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का आधार बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि उसकी रोकथाम, समय पर जांच, योग, खेल, संतुलित आहार और जनजागरूकता होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर में 200 से अधिक ओपन एयर जिम स्थापित किए गए हैं, 10 हजार से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ा गया है और 250 से अधिक यूथ क्लबों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजनाओं के तहत 1,500 से अधिक जरूरतमंद मरीजों को करीब 25 करोड़ रुपये की सहायता दिलाई गई है। लोकबंधु अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए निशुल्क भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव और मेडिकल टूरिज्म पर जोर
मुख्य अतिथि सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डॉक्टरों की सेवा राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। उत्तर प्रदेश में अब 83 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। चिकित्सा शिक्षा पर करीब 15 हजार करोड़ और स्वास्थ्य सेवाओं पर 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योग, निवारक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत हैं। साथ ही अंग प्रत्यारोपण, ट्रॉमा केयर, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर लखनऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडिकल टूरिज्म हब बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया भविष्य का रोडमैप
विशेषज्ञ सत्र में प्रो. डॉ. विश्वजीत सिंह, प्रो. डॉ. प्रेम राज सिंह, प्रो. डॉ. संजीव मिश्रा, प्रो. डॉ. प्रमिला वर्मा, डॉ. दीपक अग्रवाल और डॉ. रजत माथुर समेत कई विशेषज्ञों ने अंग प्रत्यारोपण, ट्रॉमा केयर, कैंसर की समय पर जांच, दंत स्वास्थ्य, एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग, आधुनिक अस्पताल प्रबंधन और बेहतर रेफरल व्यवस्था पर सुझाव दिए। कार्यक्रम में डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. संदीप कपूर, डॉ. राजेश भाटिया सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ चिकित्सक भी मौजूद रहे।
विशेषज्ञ श्वेत पत्र तैयार कर सरकार को सौंपेंगे सुझाव
विशेषज्ञों के बीच टेलीमेडिसिन, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड, एआई आधारित सेवाएं, छोटे अस्पतालों को तकनीकी सहयोग और सरकारी-निजी संस्थानों के बेहतर समन्वय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि सभी सुझावों और अनुशंसाओं को शामिल कर एक व्यापक नीति श्वेत पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा। इससे स्वास्थ्य नीति, अस्पताल प्रबंधन और जनस्वास्थ्य सुधार के लिए ठोस दिशा तय करने में मदद मिलेगी।
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कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि सुश्रुत, महर्षि चरक और भारतरत्न डॉ. बीसी राय को श्रद्धांजलि देकर हुई। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि नेट जीरो हॉस्पिटल अभियान का उद्देश्य अस्पतालों को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक बनाना है। इसके तहत सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, हरित परिसर, कार्बन उत्सर्जन में कमी और बायोमेडिकल कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस मॉडल को विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों तक भी विस्तार देने की योजना है।
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मानवता की सबसे बड़ी सेवा है चिकित्सा
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि डॉक्टर केवल इलाज करने वाले पेशेवर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम हैं। भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का आधार बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि उसकी रोकथाम, समय पर जांच, योग, खेल, संतुलित आहार और जनजागरूकता होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर में 200 से अधिक ओपन एयर जिम स्थापित किए गए हैं, 10 हजार से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ा गया है और 250 से अधिक यूथ क्लबों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजनाओं के तहत 1,500 से अधिक जरूरतमंद मरीजों को करीब 25 करोड़ रुपये की सहायता दिलाई गई है। लोकबंधु अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए निशुल्क भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव और मेडिकल टूरिज्म पर जोर
मुख्य अतिथि सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डॉक्टरों की सेवा राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। उत्तर प्रदेश में अब 83 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। चिकित्सा शिक्षा पर करीब 15 हजार करोड़ और स्वास्थ्य सेवाओं पर 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योग, निवारक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत हैं। साथ ही अंग प्रत्यारोपण, ट्रॉमा केयर, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर लखनऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडिकल टूरिज्म हब बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया भविष्य का रोडमैप
विशेषज्ञ सत्र में प्रो. डॉ. विश्वजीत सिंह, प्रो. डॉ. प्रेम राज सिंह, प्रो. डॉ. संजीव मिश्रा, प्रो. डॉ. प्रमिला वर्मा, डॉ. दीपक अग्रवाल और डॉ. रजत माथुर समेत कई विशेषज्ञों ने अंग प्रत्यारोपण, ट्रॉमा केयर, कैंसर की समय पर जांच, दंत स्वास्थ्य, एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग, आधुनिक अस्पताल प्रबंधन और बेहतर रेफरल व्यवस्था पर सुझाव दिए। कार्यक्रम में डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. संदीप कपूर, डॉ. राजेश भाटिया सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ चिकित्सक भी मौजूद रहे।
विशेषज्ञ श्वेत पत्र तैयार कर सरकार को सौंपेंगे सुझाव
विशेषज्ञों के बीच टेलीमेडिसिन, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड, एआई आधारित सेवाएं, छोटे अस्पतालों को तकनीकी सहयोग और सरकारी-निजी संस्थानों के बेहतर समन्वय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि सभी सुझावों और अनुशंसाओं को शामिल कर एक व्यापक नीति श्वेत पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा। इससे स्वास्थ्य नीति, अस्पताल प्रबंधन और जनस्वास्थ्य सुधार के लिए ठोस दिशा तय करने में मदद मिलेगी।

डॉक्टर्स डे पर नेट जीरो हॉस्पिटल, सरोजनीनगर का हुआ शुभारंभ।