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‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना पर उलझी सरकार
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Fri, 18 Oct 2013 11:51 PM IST
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गरीब अल्पसंख्यक परिवारों की बेटियों के लिए चलाई जा रही ‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना ने प्रदेश सरकार की उलझन बढ़ा दी है।
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इस योजना के विरोध में दाखिल दो-दो जनहित याचिकाओं ने सरकार की नींद उड़ाकर रख दी है। सरकारी अमला याचिकाओं का जवाब दाखिल करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना के तहत 36 हजार रुपये तक सालाना आय वाले अल्पसंख्यक परिवारों की कक्षा 10 पास बेटियों को आगे की पढ़ाई व शादी के लिए सरकार 30 हजार रुपये का अनुदान देती है, लेकिन इन दिनों इस योजना पर ग्रहण लग गया है।
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी सरकार की इस योजना के विरोध में जनहित याचिका दाखिल हो चुकी है।
पहली याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की महासचिव रंजना अग्निहोत्री सहित कुल 17 वकीलों ने दायर की है।
इसमें कहा गया है कि संविधान के समानता के अधिकार की भावना के खिलाफ यह योजना चलाई जा रही है। बहुसंख्यक समुदाय की बेटियों को भी इसका लाभ दिया जाना चाहिए।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल दूसरी याचिका में भी इसका विरोध करते हुए इसे बंद करने की मांग की गई है। जनहित याचिकाओं पर सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया गया है।
अल्पसंख्यक विभाग अब इनके जवाब तैयार कर रहा है। अवकाश के दिनों में भी ऑफिस खोलकर अधिकारी ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
सरकार की बेचैनी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद मुख्य सचिव जावेद उस्मानी भी विभागीय अधिकारियों के साथ इस मसले पर सीधी नजर रखे हुए हैं।
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मुख्य सचिव ने अल्पसंख्यक विभाग द्वारा तैयार किए गए जवाब में कई और बिंदुओं को भी संशोधित करवाया। सरकार यह तर्क दे रही है कि उसकी योजना गरीब अल्पसंख्यक परिवारों की बेटियों को आगे पढ़ने का अवसर देने के लिए है।
फिलहाल सरकार की यही कोशिश है कि दोनों ही जनहित याचिकाएं खारिज हो जाएं। हालांकि इन याचिकाओं ने सरकार के माथे पर बल जरूर डाल दिया है।
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