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जज्बे को सलाम : 61 वर्ष के रमेश चंद्र शुक्ला और 53 वर्ष के जयशंकर राय ने दी पीएचडी की प्रवेश परीक्षा
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सीखने की कोई उम्र नहीं होती, ये बात तो सभी जानते हैं, लेकिन जब-जब लोग इसे सच होते हुए देखते हैं तो एक बार फिर से माहौल में उत्साह भर जाता है, सीखने की भूख बढ़ जाती है।
दरअसल, शनिवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की दूसरे चरण की पीएचडी प्रवेश परीक्षा थी।
परीक्षा में अन्य विद्यार्थियों के साथ-साथ 61 और 53 साल की उम्र के लोगों ने भी शिरकत की। वे पढ़ाई में अपनी रुचि के कारण इस उम्र में पीएचडी करने के इच्छुक हैं। साथ ही अपना ज्ञान भी बढ़ाना चाहते हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से लखनऊ और नोएडा कैंपस स्थित एक-एक केंद्र पर प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि दोनों केंद्रों पर कुल 448 विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा में शामिल होना था, जिसमें से 347 (77 फीसदी) विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। 101 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा फार्मेसी, बायो टेक्नोलॉजी, केमिकल टेक्नोलॉजी, केमिस्ट्री, सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इन्वायरमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मैथमेटिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर ब्रांच के लिए आयोजित की गई।
परीक्षा के कुछ ही घंटे बाद आंसर की भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दी गई।
डिग्री तो बहुत हैं, अब पीएचडी की बारी
लखनऊ केंद्र पर परीक्षा में शामिल हुए 53 वर्ष के जयशंकर राय बिजली विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं। वह प्रयागराज चीफ इंजीनियर कार्यालय में तैनात हैं। वह इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में पीएचडी करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने लगातार दूसरे साल प्रवेश परीक्षा में शिरकत की है। उन्होंने मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में भी प्रवेश परीक्षा दी है। लिखित परीक्षा पास कर चुके हैं और इंटरव्यू दे चुके हैं। जयशंकर ने बताया कि उनकी इच्छा पीएचडी के साथ ही एनर्जी एफिशिएंसी की पढ़ाई करने की भी है। इससे पूर्व वे इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, बीटेक, एमबीए, एमए, पीजीजेएमसी व पीजीडीसीए की डिग्री ले चुके हैं। उनका कहना है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। वहीं 61 वर्षीय रमेश चंद्र शुक्ला ने सिविल इंजीनियरिंग में पीएचडी प्रवेश के लिए परीक्षा दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में रुचि के कारण मैं इस विषय में शोध करना चाहता हूं।
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दरअसल, शनिवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की दूसरे चरण की पीएचडी प्रवेश परीक्षा थी।
परीक्षा में अन्य विद्यार्थियों के साथ-साथ 61 और 53 साल की उम्र के लोगों ने भी शिरकत की। वे पढ़ाई में अपनी रुचि के कारण इस उम्र में पीएचडी करने के इच्छुक हैं। साथ ही अपना ज्ञान भी बढ़ाना चाहते हैं।
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विश्वविद्यालय की ओर से लखनऊ और नोएडा कैंपस स्थित एक-एक केंद्र पर प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि दोनों केंद्रों पर कुल 448 विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा में शामिल होना था, जिसमें से 347 (77 फीसदी) विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। 101 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा फार्मेसी, बायो टेक्नोलॉजी, केमिकल टेक्नोलॉजी, केमिस्ट्री, सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इन्वायरमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मैथमेटिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर ब्रांच के लिए आयोजित की गई।
परीक्षा के कुछ ही घंटे बाद आंसर की भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दी गई।
डिग्री तो बहुत हैं, अब पीएचडी की बारी
लखनऊ केंद्र पर परीक्षा में शामिल हुए 53 वर्ष के जयशंकर राय बिजली विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं। वह प्रयागराज चीफ इंजीनियर कार्यालय में तैनात हैं। वह इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में पीएचडी करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने लगातार दूसरे साल प्रवेश परीक्षा में शिरकत की है। उन्होंने मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में भी प्रवेश परीक्षा दी है। लिखित परीक्षा पास कर चुके हैं और इंटरव्यू दे चुके हैं। जयशंकर ने बताया कि उनकी इच्छा पीएचडी के साथ ही एनर्जी एफिशिएंसी की पढ़ाई करने की भी है। इससे पूर्व वे इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, बीटेक, एमबीए, एमए, पीजीजेएमसी व पीजीडीसीए की डिग्री ले चुके हैं। उनका कहना है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। वहीं 61 वर्षीय रमेश चंद्र शुक्ला ने सिविल इंजीनियरिंग में पीएचडी प्रवेश के लिए परीक्षा दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में रुचि के कारण मैं इस विषय में शोध करना चाहता हूं।