खत्म हो गया 'आप' का सुरूर, ख्वाब चकनाचूर
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आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में सौ सीटें जीतने का दावा किया था लेकिन पार्टी के प्रदर्शन के आधार पर कहा जा रहा है कि अब पार्टी को राष्ट्रीय मान्यता भी नहीं मिलेगी।
पार्टी की बुरी गत हुई है। उत्तर प्रदेश से कुछ सीटें जीतने के अलावा पार्टी को अपना वोट प्रतिशत बढऩे की भी पूरी उम्मीद थी।
ताकि उसको राष्ट्रीय मान्यता मिल सके, मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उसके तीन स्टार उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास और शाजिया इल्मी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
इनमें से कुमार विश्वास और शाजिया इल्मी तो मुख्य लड़ाई में भी नहीं आ सके। पार्टी के उम्मीदवारों के लिए 10 हजार वोट जुटा पाना भी टेढ़ी खीर साबित हुआ।
सभी सीटों पर उतारे थे उम्मीदवार
आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से पांच प्रत्याशियों ने अपना टिकट वापस कर दिया था।
जिसके बाद में 75 उम्मीदवार ही बचे हुए थे। सबसे पहले मैदान में उतरने वालों में अमेठी से कुमार विश्वास थे, जो कि राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लडऩे आए थे।
करीब चार महीने तक अमेठी में ही रहे। मगर मतगणना के दौरान लगातार चौथे स्थान पर बने रहे।
चुनाव से 20 दिन पहले बीजेपी की स्मृति ईरानी अमेठी पहुंची और उन्होंने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी। मगर कुमार विश्वास तमाम माहौल बनाने के बावजूद कुछ भी नहीं कर सके।
केजरीवाल पर रहा फोकस
दूसरी ओर, आप का पूरा अमला वाराणसी में अरविंद केजरीवाल के समर्थन में लग गया था। जिसकी कई बार आलोचना भी हुई।
मगर ये पूरा अमला मिल कर भी केजरीवाल की करारी हार को नहीं रोक सका। इसी तरह से शाजिया इल्मी जो कि, गाजियाबाद से बुरी तरह से हारीं।
शुरुआत में नंबर दो पर चल रही शाजिया धीरे धीरे नंबर 3 की ओर खिसक गईं। फिर चार नंबर पर जाकर ठहरीं।
इन तीन सीटों के अलावा लखनऊ लोकसभा सीट से जावेद जाफरी ने भी अपनी हार दो राउंड की मतगणना के बाद ही मान ली। वे भी वोटों के लिए तरसते हुए दिखे।
'आप' को राष्ट्रीय मान्यता असंभव
अंतिम दौर के रुझानों तक यह स्पष्ट हो गया कि, उत्तर प्रदेश में आप को कुल २ फीसदी से भी अधिक वोट नहीं मिल रहा है।
पंजाब छोड़ कर अपने गढ़ दिल्ली में भी आप को हार का सामना करना पड़ा। जिससे उसको राष्ट्रीय मान्यता मिलना असंभव हो गया।
गौरतलब है कि केजरीवाल ने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी 100 सीटें जीतने में कामयाब रहेगी।