'वन सिटी वन कार्ड' प्रोजेक्ट में बैंकों से 19 तक मांगा प्रस्ताव, लोगों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं
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स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रस्तावित वन सिटी वन कार्ड प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दो सरकारी व तीन निजी क्षेत्र में संचालित बैंकों ने इच्छा जताई है। मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में पांचों बैंकों के प्रबंधन से 19 नवंबर तक प्रस्तावित प्रोजेक्ट के संबंध में कार्ययोजना का प्रस्ताव सौंपने को कहा गया है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रस्ताव में वन सिटी वन कार्ड प्रोजेक्ट में कार्य करने के लिए सरकारी क्षेत्र के एसबीआई व बैंक ऑफ इंडिया जबकि निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक व एक्सिस बैंक ने हिस्सेदारी को बैठक में उपस्थिति दर्ज कराई।
मंडलायुक्त ने बताया कि बैठक में मौजूद पांचों बैंक के अधिकारियों ने वन सिटी वन कार्ड प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले स्मार्ट कार्ड से जुड़ी विशेषताएं बताते हुए इससे जुड़े अपने अनुभव को भी साझा किया। इस स्मार्ट कार्ड के माध्यम से आम शहरवासी नगर निगम, लेसा जल संस्थान द्वारा दी जाने वाली विभिन्न नागरिक सेवाओं मसलन बिजली, पानी, सीवरेज, मोबिलिटी सर्विसेज पार्किंग पब्लिक टॉयलेट आदि सुविधाओं की देय राशि का भुगतान बिना किसी परेशानी व नगदी के कर सकेंगे।
इन सेवाओं को शामिल किए जाने पर बनी सहमति
बैठक के दौरान वन सिटी वन कार्ड प्रोजेक्ट में अन्य एकीकृत सेवाओं जैसे लखनऊ मेट्रो, सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज व एलडीए स्तर पर देय भुगतान की सुविधा को भी शामिल किए जाने पर सहमति बनी। इसके लिए विभिन्न विभागों की एक समिति का गठन कर इस प्रोजेक्ट में दी जाने वाली अन्य सुविधाओं को भी एकीकृत किया जाएगा।
मंडलायुक्त ने बैठक में हिस्सेदारी करने वाले पांचों बैंकों के अधिकारियों से स्मार्ट सिटी प्रस्ताव के वन सिटी वन कार्ड प्रोजेक्ट से जुड़े एकीकृत सेवाओं के प्रस्ताव को 19 नवंबर तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस पर चर्चा के बाद ही वन सिटी वन कार्ड प्रोजेक्ट को संभालने वाली बैंक का निर्धारण तय होगा।