टीका लगवाओ इनाम पाओ: यूपी में दोनों डोज लेने वालों को किया जाएगा पुरस्कृत, वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने की रणनीति
- उत्तर प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने लोगों को पुरस्कृत किया जा रहा है।
- अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि जिन जिलों में 25 हजार ऐसे लोग होंगे, जिनकी दोनों डोज हो गई है, वहां लॉटरी निकालकर पुरस्कार स्वरूप 4 लोगों को उपहार दिए जाएंगे।
- उन्होंने बताया कि ‘मेरा कोविड केंद्र’ एप डाउनलोड करके घर के आस-पास मुफ्त जांच केंद्र की जानकारी की जा सकती है।
- निजी प्रयोगशाला में जांच के लिए 700 रुपये का भुगतान करना होगा। घर से नमूने लेने के लिए 900 रुपये का भुगतान करना होगा।
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उत्तर प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने लोगों को पुरस्कृत किया जा रहा है। टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला किया गया था। विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) पर लॉटरी के माध्यम से इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें अधिकतम दो हजार रुपये कीमत के उपहार शामिल होंगे।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि जिन जिलों में 25 हजार ऐसे लोग होंगे, जिनकी दोनों डोज हो गई है, वहां लॉटरी निकालकर पुरस्कार स्वरूप 4 लोगों को उपहार दिए जाएंगे। जिन जिलों में 25 से 50 हजार ऐसे लोग हैं जिन्हें दोनों डोज लगी है, वहां 6 लोगों को और 50 हजार से अधिक टीकाकरण वाले जिलों में 8 लोगों को उपहार दिए जाएंगे। कोरोना टीकाकरण के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए उपहार की यह योजना रखी गई है।
उन्होंने बताया कि ‘मेरा कोविड केंद्र’ एप डाउनलोड करके घर के आस-पास मुफ्त जांच केंद्र की जानकारी की जा सकती है। महानिदेशक स्वास्थ्य के वेबसाइट पर जाकर इन सभी केंद्रों की सूची देखी जा सकती है। निजी प्रयोगशाला में जांच के लिए 700 रुपये का भुगतान करना होगा। घर से नमूने लेने के लिए 900 रुपये का भुगतान करना होगा। अगर कोई इस शुल्क से अधिक राशि की मांग करता है तो जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी या हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
हर अस्पताल के लिए बनेगा नोडल अधिकारी
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सभी सीएमओ और चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जिलों में प्रत्येक कोविड अस्पताल के लिए एक-एक नोडल अफसर की तैनाती की जाए। यह नियम सरकारी या निजी क्षेत्र के दोनों अस्पतालों पर लागू होगा। नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि इलाज गुणवत्ता से किया जा रहा है और अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यदि कहीं पर अधिक धनराशि लेने की शिकायत या कोई बात होगी तो उसको भी नोडल अधिकारी देखेंगे।