फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   people suffering from these disease are in disable category

इन बीमारियों से पीड़ित लोग भी माने जाएंगे निशक्त, मिलेंगी सुविधाएं

Thu, 22 Oct 2015 03:05 PM IST
Updated Thu, 22 Oct 2015 03:05 PM IST
विज्ञापन
people suffering from these disease are in disable category

हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और प्रमस्तिष्क घात (सेरेब्रल पाल्सी) की समस्या से पीड़ित लोगों को भी अब निशक्तजनों की श्रेणी में रखा जाएगा। उन्हें निशक्तजनों को मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए केंद्र सरकार पर्सन विद डिसएबिलिटी एक्ट 1995 में अहम संशोधन करने जा रही है।

विज्ञापन


सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के विकलांगजन सशक्तीकरण विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है जिसे संसद में रखा जाना है। विभाग के सचिव लव वर्मा ने बताया कि वर्तमान में एक्ट के तहत नेत्रहीनता, श्रव्य क्षीणता, बौद्धिक निशक्तता, कुष्ठ रोग से मुक्त किंतु शारीरिक अक्षमता से ग्रस्त, गति विषयक निशक्तता, निम्न दृष्टि और मानसिक रुग्णता से पीड़ित व्यक्ति को ही निशक्त माना जाता है।
विज्ञापन


अब इन सात श्रेणियों के अलावा 12 और बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को भी निशक्त माना जाएगा। इन्हें यातायात, नौकरी, शिक्षण संस्थानों में दाखिला सहित निशक्तों को मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग के संयुक्त सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि वर्तमान एक्ट के प्रावधानों के अनुसार नई श्रेणियों को इसमें शामिल करने की व्यवस्था नहीं है।

इसकी वजह से कोई भी नई श्रेणी की निशक्तता शामिल करने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नए प्रस्ताव में ऐसी व्यवस्था की गई है कि भविष्य में जरूरी पड़ने पर किसी नई श्रेणी को आसानी से इसमें जोड़ा जा सकेगा।

अब इन बीमारियों से ग्रसित भी माने जाएंगे निशक्त

people suffering from these disease are in disable category

हीमोफीलिया : रक्त का थक्का जमाने की साधारण क्षमता का नुकसान जिससे मामूली घाव में भी घातक रक्तस्राव हो सकता है।

थैलेसीमिया : हीमोग्लोबिन की कमी या अनुपस्थिति।
प्रमस्तिष्क घात (सेरेब्रल पल्सी) : शरीर की गति ओर मांसपेशी के समन्वय के प्रभावित होने से मस्तिष्क के एक या अधिक विनिर्दिष्ट क्षेत्रों को क्षति होना। यह जन्म या उसके तुरंत बाद उत्पन्न होता है।

बधिर नेत्रहीनता : इसमें व्यक्ति में श्रव्य और दृश्य क्षीणता का संयोजन होता है जिससे गंभीर संचार, विकासात्मक और शैक्षिक समस्याएं होती हैं।

स्वलीनता स्पैक्ट्रम विकार : ऐसी तंत्रिका
मनोचिकित्सकीय स्थिति जो जीवन के पहले तीन वर्ष में उत्पन्न होती है। यह व्यक्ति की संपर्क करने, संबंधों को समझने की क्षमता को प्रभावित करती है।

पेशीय बहुदुष्पोषण : व्यक्ति में अनुक्रमिक अस्थिपंजर, मांसपेशी की कमजोरी, मांसपेशी प्रोटीनों में त्रुटि और मांसपेशी कोशिकाओं और टिशुओं की मृत्यु होना।
बहु स्कलेरोसिस: इससे मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं और रीढ़ की हड्डी की कोशिकाओं का एक-दूसरे से संपर्क प्रभावित होता है।

विनिर्दिष्ट विद्या निशक्तता : इसमें बोलने, पढ़ने, लिखने, वर्तनीय या गणितीय गणनाओं को समझने में कमी आती है। इसके अंतर्गत बोधक निशक्तता डायसेलेक्सिया, डायसग्राफिया, डायसकेलकुलिया, डायसप्रेसिया और विकासात्मक अफेसिया शामिल हैं।
अभिवाक, भाषा निशक्तता : लेराइनजेक्टोमी या अफेसिया जैसी स्थितियों से स्थायी निशक्तता जिसमें अभिवाक और भाषा के एक या अधिक संघटक प्रभावित होते हैं।

चिरकालिक तंत्रिका स्थितियां : तंत्रिका प्रणाली के किसी भाग में लंबे समय तक या बार-बार समस्या आना।

सिक्कल कोशिका रोग : हेमोलेटिक विकास जिससे लाल रक्त कोशिकाओं की कोशिका झिल्ली का नुकसान होने से हीमोग्लोबीन निकलता है। इसमें रक्त की कमी के साथ विभिन्न अंगों को नुकसान और दर्द होता है।

बहु निशक्तता : व्यक्ति का समय-समय पर एक्ट में शामिल निशक्तताओं में से किन्हीं दो या उससे अधिक से ग्रस्त होना।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed