'कोरोना बम' साबित हो सकते हैं महाराष्ट्र से यूपी आए लोग, बचाव के प्रयासों पर फिर सकता है पानी
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मुंबई सहित महाराष्ट्र के अन्य शहरों में कोरोना वायरस का असर अधिक है। ऐसे में वहां रहने वाले करीब एक लाख लोग शनिवार को अपने घरों के लिए निकल पड़े हैं। इनमें यूपी और बिहार के लोगों की संख्या अधिक है। संभव है कि वे अपने साथ वायरस लेकर आएं। ऐसे में प्रदेश में भी खतरा बढ़ सकता है।
रविवार सुबह पुष्पक एक्सप्रेस से सैकड़ों लोग मुंबई से लखनऊ पहुंचे हैं। जिला प्रशासन ने इन सभी यात्रियों को स्टेशन पर ही रोक लिया और परिवहन निगम की बसें बुलवाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। यात्रियों में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। यह लोग लखनऊ से गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, महाराजगंज, देवरिया, मऊ, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, फैजाबाद आदि जिलों के लिए रवाना किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वे करीब 14 दिन तक अपने घर में ही रहें। वरना खुद के साथ अपने परिजनों के लिए भी मुसीबत खड़ी करेंगे। इससे यूपी में कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए अब तक किए गए प्रयासों पर पानी फिर सकता है। इसलिए बाहर से आने वाले लोगों में यदि किसी तरह का लक्षण दिखता है तो तत्काल सीएमओ कार्यालय से जारी नंबरों या अपने घर के आसपास के अस्पताल में संपर्क करें।
केजीएमयू के डॉ. एसएन शंखवार कहते हैं कि बाहर से आने वाले लोग खुद को कोरेंटाइन में रखें। यदि उनमें किसी तरह का समस्या होती है तो तत्काल अस्पताल में संपर्क करें। इसी तरह एसजीपीजीआई के डॉ. आशुतोष का कहना है कि बाहर से आने वाले लोग पूरी तरह सजग रहें। यहां आने के बाद लोगों से मिलने-जुलने से बचें। घर में अकेले में रहें। यदि सर्दी-जुकाम, बुखार जैसे लक्षण आते हैं तो डॉक्टर से सलाह लें।
इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क, हो सकता है कोरोना
यदि लगातार खांसी आ रही हो और नाक बह रही हो तो यह एलर्जी कफ है। यदि नाक बह रही हो, बलगम आ रहा हो और खांसी हो रही हो तो यह फ्लू या स्वाइन फ्लू या वायरल हो सकता है। यदि तेज बुखार, सूखी खांसी, सांस फूल रही हो और जोड़ों में दर्द हो तो सावधान हो जाएं। यह कोरोना वायरस का लक्षण हो सकता है।
यह है बचाव का तरीका
बाहर से आने वाले लोग घर पहुंचने के बाद यहां के लोगों के साथ मिलकर रहने के बजाय अकेले में रहें। बार-बार हाथ धोते रहें। बिना हाथ धोए अपने चेहरे या शरीर के अंगों को न छुएं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने के लिए सबसे जरूरी है भीड़भाड़ से दूर रहें।
खांसते वक्त रुमाल नहीं है तो हाथ को मोड़कर कोहनी को मुंह के आसपास लगा लें। खांसते-छींकते समय टिशू पेपर या रुमाल का इस्तेमाल करें। टिशू पेपर अथवा मास्क या रुमाल को इधर-उधर नहीं फेंकें।