फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   people are getting message of being negative report without corona test

बिना कोरोना जांच के ही रिपोर्ट निगेटिव होने के आ रहे मैसेज, बड़े घपले की आशंका

Tue, 21 Jul 2020 12:58 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 21 Jul 2020 12:58 PM IST
विज्ञापन
people are getting message of being negative report without corona test
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

केस -1
लखनऊ निवासी शशांक पुणे में रहते हैं। 24 मई को वह फ्लाइट से राजधानी लौटे। एयरपोर्ट पर उनकी जांच नहीं हुई। उन्हें 14 दिन क्वारंटीन रहने को कहा गया। 18 जुलाई को उनके पास मैसेज आया कि आपकी रिपोर्ट निगेटिव है। मैसेज में सैंपल की तिथि 17 अप्रैल और रिपोर्ट की तिथि 18 अप्रैल, लैब का नाम केजीएमयू, केस आईडी एलयूसी 00565976 दर्ज है।


केस-2

राजधानी निवासी अदिति 24 मई को पुणे से लौटी थीं। उनके पास आए मैसेज में सैंपल की तिथि 12 मई, रिपोर्ट की तिथि 13 मई, लैब एसजीपीजीआई और केस आईडी एलयूसी 00565979 लिखी गई है। जबकि अदिति का कहना है कि उन्होंने अभी तक एक बार भी कोरोना जांच नहीं कराई है।
विज्ञापन

लैब के नाम सहित जांच की तिथि भी जा रही दर्शाई


केस-3
राजधानी निवासी अनुराधा दुबे 8 मार्च को दुबई से लौटी थीं। अब उनके पास मेसेज आया है कि रिपोर्ट निगेटिव है। इसमें सैंपल की डेट 23 अप्रैल, रिपोर्ट आने की डेट 24 अप्रैल, लैब का नाम केजीएमयू और केस आईडी एलयूसी 005633 लिखी है। अनुराधा का कहना है कि उन्होंने अभी तक न जांच कराई है और न केजीएमयू गई हैं।

लखनऊ में फ्लाइट से आ रहे लोगों की कोरोना जांच हुए बिना ही उन्हें ढाई से तीन माह बाद ‘रिपोर्ट निगेटिव’ के मैसेज भेजे जा रहे हैं। इसमें लैब के नाम सहित जांच की तिथि भी दर्शाई जा रही है। मोबाइल पर मिल रहे इन संदेशों ने जांच की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के नाम पर बड़े घपले की आशंका है। 

राजधानी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट दो से तीन दिन में मिल पा रही है। इसी बीच फ्लाइट से यात्रा के दो-तीन माह बाद भी जिन लोगों ने अभी तक कोविड-19 की जांच नहीं कराई है, उनके मोबाइल पर भी मैसेज भेजकर बताया जा रहा है कि आपकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है।

पता कराएंगे, कहां पर गड़बड़ी

मैसेज में जांच करने वाली लैब का नाम, जांच की तिथि के साथ आईडी का भी जिक्र है। ऐसे में संबंधित आईडी के जरिये जांच के नाम पर घपले की आशंका है। क्योंकि हर जांच के आधार पर संबंधित लैब को सरकार बजट मुहैया कराती है। दूसरी आशंका यह भी है कि कहीं संदेश भेजने वाली एजेंसी मनमानी तो नहीं कर रही है। यात्रा के दो से तीन माह बाद भेजे जा रहे ये संदेश मोबाइल नंबर के बजाय कोड से जारी हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित एजेंसी ने ये मैसेज भेजे हैं। मैसेज भेजने का कोड बीई.डीएम हेल्थ है।

स्थानीय स्तर पर ऐसी किसी एजेंसी को जिम्मेदारी नहीं दी गई है। दूसरे, तीसरे दिन मैसेज आने के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन बिना जांच कराने वालों को इतनी देर से मैसेज मिलने के बारे में जानकारी नहीं है। पता कराया जाएगा कि कहां से चूक हो रही है। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ लखनऊ

लैब नहीं भेजती ऐसे मैसेज
इस तरह का कोई भी मैसेज लैब की ओर से नहीं भेजा जाता है। हम लोग जांच संबंधी डाटा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से निर्धारित वेबसाइट पर अपडेट करते हैं। मैसेज के बारे में कोई जानकारी नहीं है। - डॉ. अमिता जैन, विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी, केजीएमयू
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed