{"_id":"629df02369d5815b3f094458","slug":"peon-was-checking-patients-in-a-hospital-in-thakurganj-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fraud: अस्पताल में चपरासी करता था आंखों की जांच, अपने भाई को भी काम पर लगा रखा था, पता चला तो...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fraud: अस्पताल में चपरासी करता था आंखों की जांच, अपने भाई को भी काम पर लगा रखा था, पता चला तो...
Mon, 06 Jun 2022 05:46 PM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 06 Jun 2022 05:46 PM IST
सार
लखनऊ के ठाकुरगंज में एक अस्पताल में एक चपरासी मरीजों की जांच करता था। मामले का जब खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में संविदा पर तैनात चपरासी मरीजों की आंखों की जांच कर रहा था। इसका खुलासा तब हुआ जब उसने मोतियाबिंद के ऑपरेशन के नाम पर एक मरीज से रुपये वसूल लिए। मरीज ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल समेत डीएम से की। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए तो अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन चपरासी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
विज्ञापन
मलिहाबाद के रहने वाले महेंद्र कुमार आंख का ऑपरेशन कराने बीते माह ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय आए थे। यहां एक रुपये के पर्चे पर नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में दिखाया। डॉक्टर ने मरीज को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
विज्ञापन
आरोप है कि संविदा पर तैनात चपरासी सुशांत मरीजों की जांच कर उन्हें लेंस का नंबर देता था। मरीज महेंद्र की जांच करने के बाद लेंस के नाम पर उनसे करीब पांच हजार रुपये वसूल लिए। मरीज ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल सहित डीएम से की। अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद बोध ने बताया कि शिकायत के बाद नेत्र रोग विभाग की डॉक्टर को चेतावनी दी गई है, वहीं कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
विज्ञापन
आरोप है कि संविदा पर कार्यरत चपरासी मरीजों की आंखों की जांच करके नंबर देता था। इसके बाद चश्मा बनवाने लोगों को अस्पताल के बाहर अपने भाई की दुकान पर भेजता था।