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पेंशन व ग्रेच्युटी के लिए महीनों चक्कर काटने की जरूरत नहीं, रिटायरमेंट के दिन ही होगा भुगतान

Sun, 22 Jul 2018 10:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 22 Jul 2018 10:39 AM IST
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pension and gratuity to be payed on retirement day.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

बेसिक शिक्षा विभाग और कृषि उत्पादन आयुक्त के अधीन एक दर्जन से अधिक विभागों के शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले सभी देयों, पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का भुगतान सेवानिवृत्ति के दिन ही किया जाएगा।

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कृषि उत्पादन आयुक्त और बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने अवकाश स्वीकृति से लेकर बकाया भुगतान में हो रही देरी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सिटीजन चार्टर लागू किया है। उन्होंने हर कार्य के लिए अधिकतम कार्य दिवस निर्धारित कर अधिकारियों को तय अवधि में इसके निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
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प्रभात कुमार का मानना है कि कर्मचारियों को उनके सेवा संबंधी लाभ और देयों का भुगतान पाने में कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं। उन्हें शिकायत मिली है कि अवकाश स्वीकृति से लेकर वेतन वृद्धि, पदोन्नति, बकाया भुगतान के बदले कर्मचारियों व अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जाती है।
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यही नहीं, 35-40 साल विभाग में नौकरी कर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी को बकाया देय, पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का भुगतान लेने के लिए महीनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं। गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी या उनके आश्रितों के मेडिकल बिलों के भुगतान में भी लेटलतीफी और रिश्वतखोरी की जा रही है।

जानबूझकर लंबित रखा गया तो होगी कार्रवाई

इस कारण उन्होंने अर्जित, मातृत्व व पितृत्व अवकाश की स्वीकृति, वेतन वृद्धि, एसीपी की स्वीकृति, डीपीसी, अवशेषों का भुगतान, टीए व मेडिकल बिल भुगतान और सेवानिवृत्ति बाद के भुगतान के लिए समय सीमा तय कर दिया है।

कुमार ने बेसिक शिक्षा, कृषि, पशुधन, मंडी, कृषि निर्यात, ग्राम विकास, पंचायतीराज, दुग्ध विकास, मत्स्य, भूमि सुधार और गन्ना सहित अन्य विभागों के प्रमुख सचिवों और विशेष सचिवों को निर्धारित समय में स्वीकृति और भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रकरण लंबित पाया गया तो उसे गलत नीयत से लंबित रखना मानते हुए संबंधित कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह रहेगी व्यवस्था

1. अर्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश और पितृत्व अवकाश - 3 से 7 दिन
2. वेतन वृद्धि - निर्धारित तिथि पर
3. एसीपी की स्वीकृति - जुलाई और जनवरी में प्रतिवर्ष
4. डीपीसी - निर्धारित समय पर

5. अवशेषों  का भुगतान - कार्यालय आदेश जारी होने से अधिकतम सात दिन के अंदर
6. जीपीएफ से धन निकालने की स्वीकृति - सेवानिवृत्ति के दिन
7. सेवानिवृत्त कर्मियों के सभी देयों, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण की स्वीकृति - सेवानिवृत्ति के दिन

8. यात्रा बिल भुगतान - बजट उपलब्ध होने पर अधिकतम सात दिन में। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर
9. मेडिकल बिल भुगतान - मुख्य चिकित्सा अधिकारी या अपर निदेशक से सत्यापित बिल प्राप्त होने के बाद अधिकतम सात दिन में

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