अखिलेश के करीबी पवन पांडेय सपा से बर्खास्त, मंत्री पद कायम
एमएलसी आशु मलिक की पिटाई करने वाले अखिलेश सरकार के वन राज्यमंत्री पवन पांडेय को समाजवादी पार्टी से छह साल के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर उन्हें मंत्रिपरिषद से भी बर्खास्त करने की सिफारिश की है।
बहरहाल, पांडेय अभी मंत्री पद पर कायम हैं। जाहिर है सत्ता व संगठन में घमासान अभी जारी रहना है। इस बीच, अखिलेश ने अपनी रथयात्रा और शिवपाल ने रजत जयंती समारोह को कामयाब बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ये आयोजन दोनों धड़ों के शक्ति-संतुलन के नए मंच बनेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय की पार्टी से बर्खास्तगी का एलान करते हुए बताया कि 24 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के भीतर एमएलसी आशु मलिक के साथ मारपीट जैसा दुराचरण किया गया। यह बेहद गंभीर मामला है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप
शिवपाल ने पवन पांडेय पर पार्टियों की नीतियों व हितों के विपरीत काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इन सब कारणों के चलते पवन पांडेय को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
शिवपाल ने सीएम को लिखा पत्र भी सार्वजनिक किया। पत्र में कहा गया है, पवन पांडेय का आचरण अनुशासनहीनता से भरा है। इसलिए उन्हें बर्खास्त करने का कष्ट करें।
पवन बोले, एक कागज से बाहर नहीं होऊंगा
बर्खास्त पवन पांडेय का कहना है कि प्रदेशाध्यक्ष के एक कागज से वे पार्टी से बाहर नहीं हो जाएंगे। मैं नेताजी और अखिलेश की जय-जयकार करता रहूंगा।