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Lucknow News: केजीएमयू के माती और बंथरा केंद्र पर अब भर्ती भी होंगे मरीज
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बंथरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के माती और बंथरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के साथ अब मरीजों को भर्ती करने की सुविधा भी शुरू होगी। इसके लिए फर्नीचर व अन्य व्यवस्थाओं के लिए 1.97 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंजूर हुआ है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानक अनुसार चिकित्सा संस्थानों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी संचालन करना होता है। इसका मकसद मेडिकल के विद्यार्थियों को समुदाय के बीच ले जाकर प्रशिक्षित करना है। इस समय केजीएमयू के पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरोजनीनगर के साथ कानपुर रोड स्थित माती व बंथरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी हैं।
बंथरा और माती केंद्र पर फिलहाल प्रशिक्षण का काम ज्यादा है। सप्ताह में दो-तीन दिन यहां दांत और अन्य सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए परामर्श दिया जाता है। अब इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत यहां 30 बेडों पर मरीज भर्ती करने की सुविधा शुरू होनी है।
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कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के इस प्रस्ताव पर केजीएमयू प्रशासन ने मुहर लगा दी है। बीते दिनों हुई कार्य परिषद की बैठक में भी इसे मंजूरी दे दी गई। ऐसा होने पर मरीजों को भर्ती होने के लिए केजीएमयू नहीं आना होगा। उधर, केजीएमयू में भी आने वाली भीड़ पर कुछ नियंत्रण लगेगा।
गंभीर मरीजों को शिफ्ट किया जाता है केजीएमयू
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इन प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को इलाज दिया जाता है। गंभीर मरीजों को केजीएमयू के मुख्य परिसर भेजकर इलाज मुहैया कराया जाता है।
सप्ताह में तीन दिन आते हैं दांत के डॉक्टर
बंथरा केंद्र पर मौजूद डॉ. ओम प्रकाश यादव ने बताया कि सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दांत के डॉक्टर रहते हैं। इसके अलावा सदी-जुकाम और बुखार के मरीजों को दवाएं दी जाती हैं। फिलहाल केंद्र पर भर्ती करने की व्यवस्था नहीं है। परिसर में काफी घास उगी है। इससे पता चलता है कि केंद्र का रखरखाव भी बेहतर तरीके से नहीं रखा जा रहा है। यही स्थिति माती केंद्र की भी है। यहां दांत के साथ ही अन्य सामान्य बीमारियों की दवाएं दी जाती हैं। भर्ती की व्यवस्था शुरू होने पर इलाज का दायरा बढ़ेगा।
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानक अनुसार चिकित्सा संस्थानों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी संचालन करना होता है। इसका मकसद मेडिकल के विद्यार्थियों को समुदाय के बीच ले जाकर प्रशिक्षित करना है। इस समय केजीएमयू के पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरोजनीनगर के साथ कानपुर रोड स्थित माती व बंथरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी हैं।
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बंथरा और माती केंद्र पर फिलहाल प्रशिक्षण का काम ज्यादा है। सप्ताह में दो-तीन दिन यहां दांत और अन्य सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए परामर्श दिया जाता है। अब इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत यहां 30 बेडों पर मरीज भर्ती करने की सुविधा शुरू होनी है।
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कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के इस प्रस्ताव पर केजीएमयू प्रशासन ने मुहर लगा दी है। बीते दिनों हुई कार्य परिषद की बैठक में भी इसे मंजूरी दे दी गई। ऐसा होने पर मरीजों को भर्ती होने के लिए केजीएमयू नहीं आना होगा। उधर, केजीएमयू में भी आने वाली भीड़ पर कुछ नियंत्रण लगेगा।
गंभीर मरीजों को शिफ्ट किया जाता है केजीएमयू
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इन प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को इलाज दिया जाता है। गंभीर मरीजों को केजीएमयू के मुख्य परिसर भेजकर इलाज मुहैया कराया जाता है।
सप्ताह में तीन दिन आते हैं दांत के डॉक्टर
बंथरा केंद्र पर मौजूद डॉ. ओम प्रकाश यादव ने बताया कि सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दांत के डॉक्टर रहते हैं। इसके अलावा सदी-जुकाम और बुखार के मरीजों को दवाएं दी जाती हैं। फिलहाल केंद्र पर भर्ती करने की व्यवस्था नहीं है। परिसर में काफी घास उगी है। इससे पता चलता है कि केंद्र का रखरखाव भी बेहतर तरीके से नहीं रखा जा रहा है। यही स्थिति माती केंद्र की भी है। यहां दांत के साथ ही अन्य सामान्य बीमारियों की दवाएं दी जाती हैं। भर्ती की व्यवस्था शुरू होने पर इलाज का दायरा बढ़ेगा।

बंथरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।

बंथरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।