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Lucknow News: मरीज करते रहे इंतजार, डॉक्टर रहे गायब
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खाली पड़ी डॉक्टरों की कुर्सी।
लखनऊ। चिनहट स्थित 50 बेड वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग में सोमवार को मरीज कतारों में खड़े होकर घंटों तड़पते रहे, लेकिन डॉक्टर अपनी कुर्सियों से नदारद मिले। आलम यह था कि ओपीडी शुरू होने के दो घंटे बाद तक भी कई डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं पहुंचे थे। अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी इस अव्यवस्था को संभालने के लिए मौजूद नहीं थे।
नियम के मुताबिक, विंग में सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी चलनी चाहिए, लेकिन यहां 10 बजे तक डॉक्टरों के कक्ष खाली पड़े थे। उल्टी-दस्त से गंभीर रूप से पीड़ित मरीज प्रदीप (पंजीकरण संख्या 23733) सुबह 8:45 बजे अस्पताल पहुंचे थे। काउंटर से उन्हें कक्ष संख्या-5 में भेजा गया, लेकिन 10 बजे तक कोई डॉक्टर नहीं आया। हालत बिगड़ने पर प्रदीप निजी क्लीनिक जाने की बात कहकर लौट गए।
यही हाल 70 वर्षीय बुजुर्ग मंगला (पंजीकरण संख्या 22701) का भी रहा। उन्होंने बताया कि वह सोमवार को फॉलोअप के लिए सुबह 8:30 बजे अस्पताल आ गई थीं, लेकिन 10 बजे तक डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 12 तारीख को भी वह इलाज के लिए आई थीं, उस दिन भी डॉक्टर समय पर नहीं मिले थे।
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सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त
अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था भी वेंटिलेटर पर दिखी। परिसर के शौचालयों में भयंकर गंदगी पसरी है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
Iमैंने आज ही अस्पताल का प्रभार संभाला है। इस वजह से सभी डॉक्टरों के साथ कार्यालय में परिचयात्मक बैठक चल रही थी, जिसके कारण डॉक्टरों को ओपीडी कक्ष में बैठने में थोड़ी देरी हुई। अस्पताल में सफाई और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। व्यवस्थाओं को जल्द सुधारा जाएगा।I
I- डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी, एमसीएच विंग चिनहटI
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नियम के मुताबिक, विंग में सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी चलनी चाहिए, लेकिन यहां 10 बजे तक डॉक्टरों के कक्ष खाली पड़े थे। उल्टी-दस्त से गंभीर रूप से पीड़ित मरीज प्रदीप (पंजीकरण संख्या 23733) सुबह 8:45 बजे अस्पताल पहुंचे थे। काउंटर से उन्हें कक्ष संख्या-5 में भेजा गया, लेकिन 10 बजे तक कोई डॉक्टर नहीं आया। हालत बिगड़ने पर प्रदीप निजी क्लीनिक जाने की बात कहकर लौट गए।
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यही हाल 70 वर्षीय बुजुर्ग मंगला (पंजीकरण संख्या 22701) का भी रहा। उन्होंने बताया कि वह सोमवार को फॉलोअप के लिए सुबह 8:30 बजे अस्पताल आ गई थीं, लेकिन 10 बजे तक डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 12 तारीख को भी वह इलाज के लिए आई थीं, उस दिन भी डॉक्टर समय पर नहीं मिले थे।
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सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त
अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था भी वेंटिलेटर पर दिखी। परिसर के शौचालयों में भयंकर गंदगी पसरी है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
Iमैंने आज ही अस्पताल का प्रभार संभाला है। इस वजह से सभी डॉक्टरों के साथ कार्यालय में परिचयात्मक बैठक चल रही थी, जिसके कारण डॉक्टरों को ओपीडी कक्ष में बैठने में थोड़ी देरी हुई। अस्पताल में सफाई और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। व्यवस्थाओं को जल्द सुधारा जाएगा।I
I- डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी, एमसीएच विंग चिनहटI

खाली पड़ी डॉक्टरों की कुर्सी।