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कान की जांच कराने वाले मरीजों को मिलेगी राहत
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कान की जांच कराने वाले मरीजों को मिलेगी राहत
लखनऊ। केजीएमयू में कान की जांच कराने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। अब यहां ऑनलाइन कंप्यूटराइज्ड हियरिंग असेसमेंट शुरू हो गया है। इससे कान की स्क्रीनिंग में सहूलियत मिलेगी। जांच के दौरान लगने वाला वक्त भी बचेगा। भविष्य में केजीएमयू में कियोस्क लगाने की योजना है। इससे मरीज खुद अपने कानों की स्थिति जांच सकेंगे।
केजीएमयू में प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की कान की जांच होती है। तमाम ऐसे मरीज होते हैं, जिनके कान में कोई दिक्कत नहीं होती फिर भी उन्हें लाइन में लगना पड़ता है। ऐसे मरीजों के लिए कंप्यूटराइज्ड हियरिंग असेसमेंट फायदेमंद साबित होगा। यह कंप्यूटराइज्ड डिवाइस है। ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपम मिश्रा ने बताया कि एक अमेरिकन कंपनी के प्रणव मिश्रा और अर्थ एआई के राशिद, एनजीना कात्यायन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू कर दिया है। करीब दो माह तक मरीजों की जांच के बाद यहां कियोस्क लगाने की योजना है। यह सुविधा मरीजों को अभी मुफ्त दी जा रही है।
क्या होगा मरीजों को फायदा
इससे मरीजों की मुफ्त में जांच हो सकेगी। जिन्हें सुनने में दिक्कत होगी उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि मरीज कितना कम सुनता है। फिर उसी हिसाब से उसका इलाज किया जाएगा। जिन लोगों में ज्यादा गड़बड़ी होगी, उनका मैनुअल टेस्ट किया जाएगा। ऑपरेशन वाले मरीजों का भी मैनुअल टेस्ट किया जाएगा। यहां कियोस्क लगने के बाद लोग खुद ट्रेंड हो जाएंगे और फिर इस डिवाइस का प्रयोग खुद से कर सकेंगे।
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लखनऊ। केजीएमयू में कान की जांच कराने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। अब यहां ऑनलाइन कंप्यूटराइज्ड हियरिंग असेसमेंट शुरू हो गया है। इससे कान की स्क्रीनिंग में सहूलियत मिलेगी। जांच के दौरान लगने वाला वक्त भी बचेगा। भविष्य में केजीएमयू में कियोस्क लगाने की योजना है। इससे मरीज खुद अपने कानों की स्थिति जांच सकेंगे।
केजीएमयू में प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की कान की जांच होती है। तमाम ऐसे मरीज होते हैं, जिनके कान में कोई दिक्कत नहीं होती फिर भी उन्हें लाइन में लगना पड़ता है। ऐसे मरीजों के लिए कंप्यूटराइज्ड हियरिंग असेसमेंट फायदेमंद साबित होगा। यह कंप्यूटराइज्ड डिवाइस है। ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपम मिश्रा ने बताया कि एक अमेरिकन कंपनी के प्रणव मिश्रा और अर्थ एआई के राशिद, एनजीना कात्यायन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू कर दिया है। करीब दो माह तक मरीजों की जांच के बाद यहां कियोस्क लगाने की योजना है। यह सुविधा मरीजों को अभी मुफ्त दी जा रही है।
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क्या होगा मरीजों को फायदा
इससे मरीजों की मुफ्त में जांच हो सकेगी। जिन्हें सुनने में दिक्कत होगी उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि मरीज कितना कम सुनता है। फिर उसी हिसाब से उसका इलाज किया जाएगा। जिन लोगों में ज्यादा गड़बड़ी होगी, उनका मैनुअल टेस्ट किया जाएगा। ऑपरेशन वाले मरीजों का भी मैनुअल टेस्ट किया जाएगा। यहां कियोस्क लगने के बाद लोग खुद ट्रेंड हो जाएंगे और फिर इस डिवाइस का प्रयोग खुद से कर सकेंगे।
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