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गोरखपुर के व्यवसायी की लखनऊ में स्वाइन फ्लू से मौत, दो और मरीज आए सामने
Thu, 30 Jan 2020 11:44 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 30 Jan 2020 11:44 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मरीज की मौत हो गई। वह तीन दिन से महानगर स्थित मिडलैंड हॉस्पिटल की आईसीयू में वेंटिलेटर पर था। उसकी मौत की सूचना अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय भेजी। ऑडिट रिपोर्ट में मौत स्वाइन फ्लू से होने की पुष्टि हुई है। नए साल में स्वाइन फ्लू से यह पहली मौत है।
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वहीं, दो नए मरीज भी मिले हैं। गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी (49) थाइलैंड में कपड़ों का व्यापार करते थे। 18 जनवरी से उन्हें सांस लेने में तकलीफ के साथ बुखार आना शुरू हुआ। तीमारदारों ने उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हालत में सुधार न होने पर केजीएमयू लेकर आए।
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यहां भर्ती न किए जाने पर 22 जनवरी को मरीज को मिडलैंड हॉस्पिटल ले गए। हालत बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। तीन दिन बाद मरीज ने दम तोड़ दिया। मरीज के बेटे का कहना है कि तीन दिन अस्पताल में रहने के दौैरान करीब दो लाख रुपये खर्च हो गए।
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नए मरीजों में एक महिला
प्रतीकात्मक तस्वीर
शहर में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आए हैं। इसमें एक महिला भी है। सीएमओ का कहना है कि मरीजों की हालत में सुधार है। दोनों घर पर रुककर उपचार करा रहे हैं। इन पर नजर रखी जा रही है।
ये हैं लक्षण
बुखार आना, नाक बहना, भूख ना लगना, थकान महसूस होना, गले में खराश, खांसी, उल्टी और चक्कर आना या बेहोश होना।
बचाव
छींकते और खांसते समय नाक और मुंह रुमाल से ढक लें।
मास्क न हो तो कपड़ों का इस्तेमाल करें।
स्वाइन फ्लू होने पर खांसी, जुकाम, बुखार और दर्द की परेशानी होती है। डॉक्टर की सलाह पर जांच कराए। मरीज तो सिर्फ पैरासिटामॉल दवा से ठीक हो जाते हैं। इसलिए यह बीमारी होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चों और बुजुर्गों के अलावा जिन्हें पहले से मधुमेह, रक्तचाप या कोई अन्य बीमारी हो तो उन्हें भी अधिक सतर्क रहना चाहिए। - डॉ. आशुतोष दुबे, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल
स्वाइन फ्लू से बचाव को टीका उपलब्ध है। लोगों को खान-पान ठीक रखना चाहिए। बीमार होने पर खुद इलाज न करें, बल्कि डॉक्टर को दिखाएं। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ