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क्या आप जानते हैं,आपको बेची जा रही है कितनी महंगी दवाई?

Fri, 17 Jul 2015 12:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Fri, 17 Jul 2015 12:59 PM IST
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Patient get very costly medicine in lucknow

डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कमीशन कमाने का खेल मरीजों की जेब पर भारी पड़ रहा है। मरीजों को दोगुना महंगी दवा दी जा रही है।

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संस्थान सूत्रों की मानें तो संस्थान में मरीजों के लिए करीब एक हजार दवाएं आरसी लिस्ट में शामिल हैं। इसमें से केवल 450 दवा ही संस्थान में है। वो भी आए दिन खत्म रहती है। असाध्य रोग से पीड़ित मरीजों की दवा सबसे महंगी होती है।
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जो दवाएं आरसी लिस्ट में शामिल हैं उनकी आपूर्ति दवा कंपनी कर ही नहीं रही है। दवा की आपूर्ति न होने की शिकायत संस्थान प्रशासन ने किसी को नहीं की लोकल पर्चेज से दवा मंगाकर काम चलता रहा है।
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हर दिन संस्थान की फार्मेसी में में औसतन हर दिन साढ़े चार से पांच लाख रुपए की बिलिंग होती है जिसमें 60 फीसदी से अधिक दवाएं लोकल पर्चेज से आती हैं। मरीजों को आरसी लिस्ट में शामिल दवाएं 40 फीसदी सस्ती मिलती हैं।लोकल पर्चेज की दवाओं पर महज 10 से 15 फीसदी की छूट मिलती है।

फार्मेंसी में अब 3 हजार दवाएं

Patient get very costly medicine in lucknow

लोहिया संस्थान अब खुद का रेट कॉन्ट्रैक्ट (आरसी) जारी करेगा और तीन हजार से अधिक दवाएं आरसी लिस्ट में शामिल की जाएंगी। यह जानकारी संस्थान की निदेशक डॉ. नुजहत हुसैन ने दी।

उन्होंने बताया कि निदेशक,चिकित्सा अधीक्षक समेत फार्मेसी विभाग के अन्य अधिकारियों के बीच बैठक के बाद ये निर्णय लिया गया। संस्थान की निदेशक डॉ.नुजहत हुसैन ने बताया कि फिलहाल एक हजार दवाएं आरसी लिस्ट में हैं।

मरीजों को 40 फीसदी की छूट पर ये दवाएं दी जाएंगी। ओपीडी फॉर्मेसी में दो काउंटर खोले जाएंगे और खिड़कि यां बढ़ाई जाएंगी। इसी तरह डे-केयर वार्ड में अलग से काउंटर खोला जाएगा।

वार्ड में बिक रही है दवाइयां

Patient get very costly medicine in lucknow

मेडिकल ऑनकोलॉजी विभाग में भर्ती एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि जो दवा डॉक्टर लिख देता है। वो दवा अपने आप बाहर का एक कर्मचारी लेकर पहुंच जाता है और यहीं पर पैसा दे दिया जाता है।

इसी तरह कुछ डॉक्टर एक विशेष मेडिकल स्टोर से दवा लाने को कहते हैं। तीमारदारों ने बताया कि मेडिकल स्टोर ऑनकोलॉजी विभाग के एक डॉक्टर के रिश्तेदार है। इस वजह से वो वहीं से दवा लाने का दबाव बनाते हैं।

डॉ.राम मनोहर लोहिया संस्‍थान के निदेशक प्रो.नुजहत हुसैन कहते हैं कि जो दवांए संस्थान की फार्मेसी में नहीं होती हैं। वो लोकल पर्चेज के तहत मरीजों को दी जाती है। विभागाध्यक्षों से बात कर दवा की व्यवस्था कराई जाएगी जिससे किसी भी मरीज को बाहर से दवा नहीं खरीदनी पड़े। फार्मेसी में दवा का संकट न हो इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।

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