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दलालों का जालः यात्री खड़े रह गए, तत्काल की सीटें चंद मिनटों में फुल
Sat, 07 Mar 2020 03:44 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 07 Mar 2020 03:44 PM IST
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Railway Recruitment Board
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होली पर कन्फर्म सीटों की मारामारी यात्रियों के लिए मुसीबत बनी हुई है। शुक्रवार को तत्काल टिकट की आस में यात्री काउंटर पर खड़े ही रह गए और सीटें देखते ही देखते फुल हो गईं। इधर, टिकट दलाल यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलवा रहे हैं और उनसे मोटी रकम भी वसूल रहे हैं।
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रेलवे अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ जंक्शन से पुणे जाने वाली पुणे एक्सप्रेस में 162 तत्काल की सीटें थीं। लेकिन यात्रियों ने जब टिकट बुकिंग शुरू की तो चंद मिनटों में ही सीटें फुल हो गईं।
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इसी तरह गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस में 110, गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस में 48 और कुशीनगर एक्सप्रेस में 62 सीटें खाली थीं।
यात्री इन पर बुकिंग की आस लगाए थे, लेकिन सिर्फ मायूसी ही हाथ लगी। उधर, चारबाग स्थित एक एजेंट से दिल्ली का टिकट बनवाने वाले यात्री ने बताया कि सात सौ रुपये अतिरिक्त देने पर लखनऊ मेल में थर्ड एसी का कन्फर्म टिकट मिल गया। ऐसे में रेलवे प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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एक बार में 10 से15 टिकट कर रहे बुक
प्रतीकात्मक तस्वीर
पिछले दिनों प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर बनाने वाले दो शातिरों के पकड़े जाने के बाद आरपीएफ ने सख्ती दिखाई तो दलाल दुबक गए, लेकिन आरपीएफ के सुस्त होते ही दलाल फिर सक्रिय हो गए। प्रतिबंधित सॉफ्टवेयरों के जरिये दलाल एक बार में 10 से 15 तत्काल टिकट बुक कर लेते हैं।
यात्री पूछ रहे सवाल
तत्काल टिकट नहीं मिलने से नाराज फूलबाग निवासी अनुपम ने सवाल उठाया कि हम घंटों लाइन में लगते हैं और जब नंबर आता है तो मिनटों में सीटें फुल हो जाती हैं। ऐसा कौन सा रैकेट है, जो रेलवे अफसरों को छका रहा है।
वहीं अलीगंज निवासी नेहा सिंह ने कहा कि दिल्ली आना-जाना लगा रहता है, लेकिन बमुश्किल ही तत्काल में कन्फर्म टिकट मिल पाता है। काउंटर पर फॉर्म भरने में मुश्किल से तीन से पांच मिनट लगते हैं, लेकिन इसी बीच वेटिंग आ जाती है, जबकि टिकट दलाल कन्फर्म टिकट दे देते हैं।
यात्री पूछ रहे सवाल
तत्काल टिकट नहीं मिलने से नाराज फूलबाग निवासी अनुपम ने सवाल उठाया कि हम घंटों लाइन में लगते हैं और जब नंबर आता है तो मिनटों में सीटें फुल हो जाती हैं। ऐसा कौन सा रैकेट है, जो रेलवे अफसरों को छका रहा है।
वहीं अलीगंज निवासी नेहा सिंह ने कहा कि दिल्ली आना-जाना लगा रहता है, लेकिन बमुश्किल ही तत्काल में कन्फर्म टिकट मिल पाता है। काउंटर पर फॉर्म भरने में मुश्किल से तीन से पांच मिनट लगते हैं, लेकिन इसी बीच वेटिंग आ जाती है, जबकि टिकट दलाल कन्फर्म टिकट दे देते हैं।