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बाप ने छह फेरों बाद रोकी बेटी की शादी
ब्यूरो/अमर उजाला,बहराइच
Updated Mon, 05 May 2014 01:29 PM IST
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छह फेरे हुए थे कि कन्या पक्ष के लोगों ने लड़की को सातवां फेरा लेने से रोक दिया।
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शनिवार रात ये बहराइच के वाकया कोतवाली देहात के भयापुरवा गांव में हुआ, जब बिरादरी एक न होने के चलते आधी-अधूरी रस्मों के बीच दो बहनों की शादी रुकवा दी गई।
दूसरी बेटी का भी जयमाल हो चुका था। सुबह होते ही दूल्हा-दुल्हन समेत दोनों पक्ष के लोग कोतवाली पहुंच गए।
रात तक न तो दोनों पक्षों में समझौता हुआ था न ही किसी ने केस दर्ज कराया था। वर पक्ष बारात का खर्चा मांगने पर अड़े हैं।
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शहर के मोहल्ला घसियारीपुरा निवासी केवट बिरादरी के मुटरू के बेटे संजय और महादेव के पुत्र राजेंद्र का विवाह कोतवाली देहात अंतर्गत भयापुरवा शेखदहीर निवासी गोड़िया बिरादारी के मैकूलाल की पुत्री संजना और रेनू से तय हुआ था।
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शनिवार शाम को संजय और राजेंद्र की बारात भयापुरवा गांव पहुंची। रात 11 बजे के आसपास द्वारपूजा की रस्म पूरी हुई फिर राजेंद्र और रेनू का जयमाल संपन्न हुआ और दोनों मंडप में पहुंच गए।
इसके बाद संजय व संजना का जयमाल भी हुआ। इधर मंडप में बैठे राजेंद्र व रेनू शादी की रस्मों की अदायगी कर रहे थे।
दोनों ने जैसे ही अग्निकुंड के छह फेरे लिए तभी अचानक वधू पक्ष ने बेटी को सातवां फेरा लेने से रोक दिया।