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राज्य सरकार निजी बीटीसी कॉलेजों में फ्री और पेड सीट का झंझट खत्म करने जा रही है। इसके लिए निजी बीटीसी कॉलेजों की फीस नए सिरे से तय की जाएगी।
फीस तय करने का आधार कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रति छात्र होने वाले खर्च होगा। फीस निर्धारण के लिए सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बना दी गई है।
प्रदेश में मौजूदा समय 680 बीटीसी कॉलेज हैं। निजी बीटीसी कॉलेजों में दो तरह की सीटें हैं।
मेरिट के आधार पर फीस अलग-अलग
अधिक मेरिट वालों को फ्री सीट पर प्रवेश दिया जाता है जिसकी फीस 22,000 तथा कम मेरिट वालों को पेड सीट पर प्रवेश दिया जाता है जिसकी फीस 44,000 रुपये है।
निजी कॉलेजों में फीस का निर्धारण पहली बार वर्ष 2009 में किया गया। हालांकि निजी बीटीसी कॉलेजों की फीस को लेकर मतभेद है। निजी कॉलेजों में दाखिला लेने वालों ने भी इस पर आपत्ति उठाई है।
इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि निजी कॉलेजों की फीस नए सिरे से तय की जाए। नई व्यवस्था में कॉलेज प्रबंधन प्रति छात्र जितना खर्च करेगा उसे ही फीस माना जाएगा।
इसके लिए कॉलेज प्रबंधकों से जल्द ही खर्च का ब्यौरा मांगा जाएगा।
बन गई नौ सदस्यीय कमेटी
सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे।
इसके अलावा सचिव वित्त या उनके द्वारा नामित अधिकारी, अपर निदेशक संस्थागत वित्त राकेश कृष्ण, खेलकूद विभाग का एक प्रतिनिधि, मेसर्स कुमार खरे एंड कंपनी के कुमार खरे, इरम गर्ल्स डिग्री कॉलेज के प्राचार्य, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी तथा डायट लखनऊ की प्राचार्य इस कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं।