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बेटी को सड़क पर फेंक भाग गए, राहगीरों ने बचाया
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 27 Aug 2014 02:59 AM IST
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शायद उसका दोष सिर्फ इतना है कि वह एक बेटी के रूप में दुनिया में आई। तभी तो मां की गोद और पिता के दुलार की जगह उसे नसीब हुआ बालगृह का पलना।
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एक और नवजात को उसके अपने ही उसे सड़क किनारे फेंक गए। यह तो इंसानियत का तकाजा है कि उधर से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने नन्ही सी जान को संभाला और चाइल्ड लाइन को सूचना देकर बच्ची को बालगृह पहुंचाया।
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अलीगंज के मानस कांप्लेक्स के पास चर्च रोड पर सड़क किनारे एक मासूम बिलख रही थी। तपती दोपहरी में मंगलवार को बच्ची के रोने की आवाज सुन राहगीरों को ध्यान गया।
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उन्होंने तत्काल बच्ची को उठाया, चुप कराया और उसके बाद पुलिस व चाइल्ड लाइन को सूचना दी। सूचना पर चाइल्ड लाइन टीम ने बच्ची को बालकल्याण समिति के समक्ष पेश किया।
इसके बाद बच्ची को लीलावती मुंशी बालगृह के दत्तक गृह में आश्रय दिलाया। चाइल्ड लाइन सदस्य मनोज ने बताया कि बच्ची को बलराम पुर अस्पताल में चिकित्सीय जांच कराया गया, वह पूरी तरह स्वस्थ है।
मनोज के मुताबिक बच्ची अच्छे घर की लग रही है क्योंकि उसे जिस तरह के कपड़ों में पाया गया है, उससे यह लगता है कि बच्ची किसी संपन्न परिवार की है।
बच्ची को लेने वालों ने बढ़ाए हाथ
नवजात बच्ची के मिलने की सूचना के बाद शहर भर से कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई है।
मंगलवार को चाइल्ड लाइन कार्यालय के फोन पर बच्ची को गोद लेने के लिए देर रात तक फोन काल आती रहीं।
मनोज ने बताया कि बच्ची को गोद देने से पहले औपचारिकता के नियम बता कर लोगों से आवेदन करने की सलाह दी है।