तीन तलाक के नाम पर शरीयत कानून को बदलना चाहती हैं भाजपा सरकार: ओवैसी
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तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में दायर केंद्र सरकार के हलफनामे पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुसलमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने कहा कि शरई कानून में किसी तरह की छेड़छाड़ मुसलमानों को मंजूर नहीं है।
सूबे में सत्ताधारी सपा में चल रहे घमासान पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि चाचा-भतीजा ड्रामेबाजी कर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। जो भतीजा चाचा का नहीं हुआ, बेटा बाप का नहीं हुआ वह प्रदेश का क्या भला करेगा।
बोले, मुसलमान हमेशा वतनपरस्त रहा है और रहेगा। मुसलमानों पर इल्जाम लगाने वाले पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें।
पचपेड़वा बाजार में सोमवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, तीन तलाक के मुद्दे पर इस्लाम की शरीयत को बदलने की नापाक कोशिश संघ तथा देश की भाजपा सरकार कर रही है।
'केंद्र की सरकार ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया'
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया। देश में समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले केंद्र सरकार गोवा और दमन दीव का कानून बदलकर कामन सिविल कोड लागू करे।
इस्लाम ही ऐसा धर्म है जिसमें औरतों को पिता की जायदाद में हिस्सा देने की बात कही गई है। मुसलमान शरीयत के कानून में बदलाव किसी भी हालत में मंजूर नहीं करेगा। देश की आजादी में मुसलमानों ने भी हर कुर्बानी दी है।
जिन मुसलमानों को पाकिस्तान जाना था वह बंटवारे के समय ही चले गए। देश के मुसलमान वतनपरस्त तथा राष्ट्र के प्रति पूरी तरह वफादार हैं। सरकारें मुसलमानों पर झूठा इल्जाम लगाना बंद करें।