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Lucknow News: एक अकेला आजाद हमारा सौ अंग्रेजों पर भारी था...
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कवियों का हुआ सम्मान।
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लखनऊ। शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर बृहस्पतिवार को नेहरू युवा केंद्र में कवि सम्मेलन हुआ। इसमें कोटा से आए कवि भूपेंद्र राठौर की कविता पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने सुनाया - भारत मां का बच्चा-बच्चा उस बेटे का आभारी था। एक अकेला आजाद हमारा सौ अंग्रेजों पर भारी था। यह आयोजन महाकवि बाण फाउंडेशन ट्रस्ट एवं ओम ब्राह्मण महासभा के संयुक्त तत्वावधान में हुआ था, जिसमें कवियों और अलग-अलग क्षेत्रों की विभूतियां सम्मानित भी की गईं।
इससे पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. शर्मा ने चंद्रशेखर आजाद की देशभक्ति को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वंदना विशेष ने मां सरस्वती की वंदना से कवि सम्मेलन की शुरुआत की। आयोजक वेदव्रत वाजपेयी ने पढ़ा- पतझड़ी शाख मधुमास बन जाएगी, धूल उड़कर के आकाश बन जाएगी, जिंदगी देख ले देश पर जूझकर, ये कथा एक इतिहास बन जाएगी।
मनुव्रत वाजपेयी ने पढ़ा, चना चबेना खाकर भी जंगल जंगल आबाद रहे, आजादी के दीवाने तो आजाद सदा आजाद रहे। इंदौर के सत्येन वर्मा, राजस्थान के सिया रघुनाथ दान, आजमगढ़ के भोलानाथ तिवारी, कानपुर की अर्तिका श्रीवास्तव और आलोक तिवारी ने भी काव्यपाठ किया। इस दौश्रान विनय प्रकाश मिश्र, रामपाल शर्मा, धनंजय द्विवेदी, ओपी चतुर्वेदी, अनुराग मिश्र, सुभाष मिश्र, प्रतिमा मिश्रा, साधना वाजपेयी, कुलदीप शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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संविधान को कोई ताकत नहीं बदल सकती : कलराज मिश्र
मुख्य अतिथि राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि जो लोग संविधान बदलने की अफवाह उड़ा रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कोई भी ताकत संविधान को नहीं बदल सकती। उन्होंने ये भी कहा कि महाकुंभ जैसे सफल आयोजन का मजाक उड़ाने वाले ठीक नहीं कर रहे, क्योंकि महाकुंभ के जरिये पूरे विश्व ने भारत की सांस्कृतिक विरासत की विशालता देखी और इतने बड़े आयोजन के कुशल प्रबंधन पर शोध हो रहा है।
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इससे पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. शर्मा ने चंद्रशेखर आजाद की देशभक्ति को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वंदना विशेष ने मां सरस्वती की वंदना से कवि सम्मेलन की शुरुआत की। आयोजक वेदव्रत वाजपेयी ने पढ़ा- पतझड़ी शाख मधुमास बन जाएगी, धूल उड़कर के आकाश बन जाएगी, जिंदगी देख ले देश पर जूझकर, ये कथा एक इतिहास बन जाएगी।
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मनुव्रत वाजपेयी ने पढ़ा, चना चबेना खाकर भी जंगल जंगल आबाद रहे, आजादी के दीवाने तो आजाद सदा आजाद रहे। इंदौर के सत्येन वर्मा, राजस्थान के सिया रघुनाथ दान, आजमगढ़ के भोलानाथ तिवारी, कानपुर की अर्तिका श्रीवास्तव और आलोक तिवारी ने भी काव्यपाठ किया। इस दौश्रान विनय प्रकाश मिश्र, रामपाल शर्मा, धनंजय द्विवेदी, ओपी चतुर्वेदी, अनुराग मिश्र, सुभाष मिश्र, प्रतिमा मिश्रा, साधना वाजपेयी, कुलदीप शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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संविधान को कोई ताकत नहीं बदल सकती : कलराज मिश्र
मुख्य अतिथि राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि जो लोग संविधान बदलने की अफवाह उड़ा रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कोई भी ताकत संविधान को नहीं बदल सकती। उन्होंने ये भी कहा कि महाकुंभ जैसे सफल आयोजन का मजाक उड़ाने वाले ठीक नहीं कर रहे, क्योंकि महाकुंभ के जरिये पूरे विश्व ने भारत की सांस्कृतिक विरासत की विशालता देखी और इतने बड़े आयोजन के कुशल प्रबंधन पर शोध हो रहा है।