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Lucknow News: 15 दिन में कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का आदेश

Tue, 12 Aug 2025 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Tue, 12 Aug 2025 01:43 AM IST
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Order to surrender in court within 15 days
लखनऊ। धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से सेना में भर्ती होने वाले बागपत के भूडपुर गांव निवासी उमेश शर्मा को निचली अदालत की ओर से सुनाई गई तीन वर्ष की सजा की अपर सत्र न्यायाधीश रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने पुष्टि की है। अदालत ने उमेश शर्मा को 15 दिन के अंदर सजा भुगतने के लिए निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
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पत्रावली के अनुसार उमेश शर्मा को निचली अदालत ने 30 मार्च 2024 को तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ उमेश की ओर से सत्र अदालत में अपील दायर की गई थी। आरोपी के खिलाफ आरोप है कि उसने सेना चिकित्सा कोर केंद्र कॉलेज लखनऊ में अप्रैल 2015 को भर्ती होने के बाद राहधारी प्रमाणपत्र व एएफएमएसएफ-2 के साथ 6 अप्रैल 2015 को रिक्रूट रिसेप्शन प्लाटून बटालियन में रिपोर्ट किया था। इसके बाद राहधारी प्रमाणपत्र व एएफएमएसएफ-2 की जांच में पाया गया था कि आरोपी सेना में धोखाधड़ी व फर्जी तरीके से भर्ती हुआ था। इसे उमेश ने खुद भी स्वीकार किया था। अपीलीय अदालत ने आरोपी की सजा को बरकरार रखा है। हालांकि, विवेचना में विवेचक एवं पर्यवेक्षण अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
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आरोपी की अपील खारिज करते हुए सत्र अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि आदेश की एक प्रति पुलिस आयुक्त एवं पुलिस महानिदेशक को इस आशय से भेजी जाए कि इस मामले में अभियुक्त के स्थान पर कौन व्यक्ति सेना में भर्ती की प्रक्रिया दौरान होने वाली दौड़, लिखित परीक्षा व मेडिकल परीक्षा में शामिल हुआ था। इसके अलावा किन-किन लोगों ने इस आपराधिक कृत्य में सहयोग किया था। इस तथ्य की विवेचना तत्कालीन विवेचक ने क्यों नहीं की। इस तथ्य को उसके पर्यवेक्षकीय अधिकारी ने भी क्यों नहीं देखा। यह न केवल अभियुक्तों को सहयोग प्रदान करने के बराबर है बल्कि एक गंभीर त्रुटि भी है।
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अदालत ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह प्रकरण की दो माह के अंदर जांच करके आख्या न्यायालय में प्रेषित करेंगे। इसके अलावा अदालत में निर्णय की प्रति को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव गृह को भी भेजी है।
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