आजम ने कहा कड़े कानून से नहीं रुकेंगे रेप
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प्रदेश में हो रही रेप की घटनाओं पर जहां जनता सरकार से महिलाओं की सुरक्षा की उम्मीद कर रही है, वहीं सरकार के मंत्री सिर्फ तर्क खोजने का काम कर रहे हैं।
विधानसभा में सोमवार को जब महिलाओं के खिलाफ अपराध का मुद्दा उठा तो संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि दुष्कर्म के लिए कितना सख्त कानून बना। फास्ट्र ट्रैक कोर्ट ने अपराधियों को कड़ी सजा भी दी लेकिन कहां रुका रेप? दिल्ली में और बढ़ गया।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह गंभीर विषय है और अध्यक्ष को इसी सत्र के दौरान अपने कक्ष में सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलानी चाहिए ताकि इस मसले पर गंभीरता से विचार हो सके और जिससे कि घटनाएं रुकें।
गौरतलब है कि आज विधानसभा में प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चर्चा हुई जिसमें महिला हिंसा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष ने विधानसभा में के प्रश्नप्रहर में सरकार की जबर्दस्त घेराबंदी की।
सुधर गई कानून-व्यवस्था
विपक्ष ने आरोप लगाए कि सरकार अपराधियों को कोई कड़ा संदेश देने में पूरी तरह नाकाम रही है, जिससे उनमें खौफ पैदा हो ताकि अपराधों पर अंकुश लग सके।
इतना ही नहीं वर्ग विशेष के सिपाही व थानेदार पुलिस कप्तान तक की नहीं सुनते। हालांकि सरकार ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि महिला हिंसा रोकने व कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें सफलता भी मिल रही है।
हालांकि सवालों पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट बसपा और भाजपा के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन भी किया। विधानसभा में सोमवार को प्रश्नप्रहर में कानून व्यवस्था से ही संबंधित सवाल ज्यादा थे। विपक्ष ने सरकार पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ा।
अध्यक्ष ने की सपा सरकार की मदद
कानून-व्यवस्था पर पहला सवाल भाजपा के डॉ. अरुण कुमार, सतीश महाना, श्यामदेव राय चौधरी, मनीष असीजा, कांग्रेस के प्रदीप माथुर व अखिलेश प्रताप सिंह और बसपा के नीरज कुशवाहा का महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों को रोकने की कार्ययोजना को लेकर था।
इस पर आजम ने कार्ययोजना का ब्यौरा दिया। मामले पर नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद सदन में स्वीकार किया है कि सूबे में रेप की घटनाएं बढ़ी हैं। सरकार की व्यवस्था अपर्याप्त है। इसे रोकने के लिए सरकार और क्या कठोर कदम उठा रही है?
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त कानून हैं और इसका कड़ाई से पालन कराने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद अध्यक्ष ने अगले प्रश्न के लिए सदस्य का नाम पुकार लिया।
इस पर मौर्य ने अध्यक्ष पर सरकार को वॉकओवर देने का आरोप लगा दिया जिसकी अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कड़ी निंदा की। इसके बाद बसपा सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए। आजम ने चुटकी ली कि दुखती रग पर अंगुली रख दी तो चले गए।
आजम खां ने दिलाया भरोसा
रेप की घटनाओं पर गैरजिम्मेदाराना बयान देने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। हालांकि सिपाही व थानेदार द्वारा कप्तान की बात न मानने के विपक्ष के आरोप पर संसदीय कार्यमंत्री आजम खा ने कहा कि अगर ऐसा है तो दिखवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जहां तक वर्ग विशेष के अफसरों की बात है तो सरकार ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की है। ये बातें आजम ने भाजपा के डॉ. लक्ष्मी कांत वाजपेयी के मूल सवाल और डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के अनुपूरक सवालों के जवाब में कही।
पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कानून व्यवस्था की स्थिति ज्यादा खराब होने से इन्कार करते हुए आजम ने कहा कि समाज में भी गिरावट आई है। इसे भी देखना चाहिए।
थाने में बढ़ेगी महिला पुलिसकर्मियों की संख्या
आजम खां ने थानों में महिला पुलिसकर्मियों को बढ़ाने का भी आश्वासन दिया। डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि पीड़ित लोगों के साथ थाने में सही व्यवहार नहीं होता।
बड़े पदों पर बैठे अधिकारी रेप जैसी घटनाओं पर गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं जैसे इतनी जनसंख्या में औसतन 22 रेप रोज होने चाहिए लेकिन 10 ही हो रहे हैं या रेप रूटीन है हर साल का।
उन्होंने पूछा कि ऐसे कितने लोगों पर कार्रवाई हुई? आजम ने कहा कि अगर यह सही है तो कार्रवाई भी की जाएगी। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घटना होने पर डीएम व कप्तान को हटाने की बात कही थी। समीक्षा कर ली जाए कि कितनों पर कार्रवाई हुई?
आजम ने कहा कार्रवाई होगी। पीस पार्टी के डॉ. अयूब के सवाल पर आजम ने कहा कि सच्चर कमेटी की सिफारिशों के अनुसार यथासंभव मुस्लिम बहुत इलाकों के थानों में मुस्लिम अधिकारी की नियुक्ति की कोशिश की जाती है।