{"_id":"616c8232622e7042aa4741de","slug":"only-two-challan-from-laser-speed-radar-lucknow-news-lko6004562185","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही, दस लाख के लेजर स्पीड रडार से सिर्फ दो चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही, दस लाख के लेजर स्पीड रडार से सिर्फ दो चालान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भानु शुक्ल
राजधानी में तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए लाया गया दस लाख रुपये का अत्याधुनिक लेजर स्पीड रडार ट्रैफिक पुलिस लाइन के स्टोर में धूल फांक रहा है।
यह रडार 200 मीटर दूर से ही वाहन की रफ्तार दर्ज कर नंबर प्लेट की फोटो खींचकर चालान कर सकता है। मगर इस लेजर स्पीड रडार को सिर्फ एक बार चेक कर दो चालान ही किए गए हैं।
जबकि शहीद पथ, लोहिया पथ, दुबग्गा-आलमबाग रिंग रोड के साथ ही हाईवे से जुड़ी शहर की कुछ सड़कों पर आए दिन तेज रफ्तार वाहनों से हादसे हो रहे हैं।
लेजर स्पीड रडार का उपयोग होने लगे तो शायद चालान के डर से ही चालक वाहनों की रफ्तार कम रखें।
ध्यान रहे कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने चार महानगरों की यातायात पुलिस को जुलाई 2020 में एक-एक अत्याधुनिक लेजर स्पीड रडार दिया था। इसमें पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की यातायात पुलिस को भी एक लेजर स्पीड रडार मिला था।
विज्ञापन
दो सौ मीटर दूर से स्पीड दर्ज कर खींच लेता है फोटो
इस रडार में कई हाई रिज्यूलेशन कैमरे और टैबलेट लगा है। ये रडार करीब दो सौ मीटर दूर से ही वाहन की न सिर्फ स्पीड दर्ज कर लेता है बल्कि नंबर प्लेट की फोटो भी खींच लेता है। इसके बाद इंटरनेट से कनेक्ट इसकेे टैबलेट के जरिए ओवरस्पीड वाहन का चालान कर दिया जाता है।
शहरी क्षेत्र में शहीद पथ को छोड़ कहीं भी वाहनों की रफ्तार तेज नहीं रहती है। लेजर स्पीड रडार के स्टोर में रखे होने की जानकारी नहीं है। जल्द ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाकर इसका उपयोग सुनिश्चित कराया जाएगा।
- श्रवण कुमार सिंह, एडीसीपी (ट्रैफिक)
विज्ञापन
राजधानी में तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए लाया गया दस लाख रुपये का अत्याधुनिक लेजर स्पीड रडार ट्रैफिक पुलिस लाइन के स्टोर में धूल फांक रहा है।
यह रडार 200 मीटर दूर से ही वाहन की रफ्तार दर्ज कर नंबर प्लेट की फोटो खींचकर चालान कर सकता है। मगर इस लेजर स्पीड रडार को सिर्फ एक बार चेक कर दो चालान ही किए गए हैं।
विज्ञापन
जबकि शहीद पथ, लोहिया पथ, दुबग्गा-आलमबाग रिंग रोड के साथ ही हाईवे से जुड़ी शहर की कुछ सड़कों पर आए दिन तेज रफ्तार वाहनों से हादसे हो रहे हैं।
लेजर स्पीड रडार का उपयोग होने लगे तो शायद चालान के डर से ही चालक वाहनों की रफ्तार कम रखें।
ध्यान रहे कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने चार महानगरों की यातायात पुलिस को जुलाई 2020 में एक-एक अत्याधुनिक लेजर स्पीड रडार दिया था। इसमें पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की यातायात पुलिस को भी एक लेजर स्पीड रडार मिला था।
विज्ञापन
दो सौ मीटर दूर से स्पीड दर्ज कर खींच लेता है फोटो
इस रडार में कई हाई रिज्यूलेशन कैमरे और टैबलेट लगा है। ये रडार करीब दो सौ मीटर दूर से ही वाहन की न सिर्फ स्पीड दर्ज कर लेता है बल्कि नंबर प्लेट की फोटो भी खींच लेता है। इसके बाद इंटरनेट से कनेक्ट इसकेे टैबलेट के जरिए ओवरस्पीड वाहन का चालान कर दिया जाता है।
शहरी क्षेत्र में शहीद पथ को छोड़ कहीं भी वाहनों की रफ्तार तेज नहीं रहती है। लेजर स्पीड रडार के स्टोर में रखे होने की जानकारी नहीं है। जल्द ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाकर इसका उपयोग सुनिश्चित कराया जाएगा।
- श्रवण कुमार सिंह, एडीसीपी (ट्रैफिक)