लखनऊ। राजाजीपुरम सि्थत बाबा की बगिया में चल रह ही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा गमन प्रसंग का बखान हुआ। कथावाचक साध्वी वैष्णवी भारती ने कहा कि भगवान कृष्ण ने प्रेम का संदेश दिया है। वह प्रेम को सबसे ऊपर रखते हैं। उनका मानना है कि प्रेम के उजाले से ही बुराई का अंधेरा मिटाया जा सकता है। प्रेम में जो शक्ति है वह दुनिया की बड़ी से बड़ी विपदा को मात दे सकती है। इससे सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। जब प्रेम निस्वार्थ होता है तो फिर इसका विरोध करने वाला भी कोई नहीं होता है। प्रेम का असली अर्थ त्याग से है। यह सबकुछ खोकर भी खुश रहना सिखाता है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से यह आयोजन कराया जा रहा है। डॉ. आरके मिश्रा, नीरज कुमार श्रीवास्तव, सौरव रस्तोगी, अनिल मौर्य, संदीप यादव, विनय श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।

राजाजीपुरम सि्थत बाबा की बगिया में चल रह ही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शुक्रवार को भगवान श्र

राजाजीपुरम सि्थत बाबा की बगिया में चल रह ही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शुक्रवार को भगवान श्र

राजाजीपुरम सि्थत बाबा की बगिया में चल रह ही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शुक्रवार को भगवान श्र

राजाजीपुरम सि्थत बाबा की बगिया में चल रह ही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शुक्रवार को भगवान श्र