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अब ऑनलाइन रखा जाएगा अपराधियों का रिकॉर्ड, डीजीपी ने दिए निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 18 May 2018 01:56 AM IST
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डीजीपी ओपी सिंह
- फोटो : डेमो
पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के निर्देश पर हर जिलों में अपराधियों के संबंध में पूरी जानकारी रखने के लिए उनका डिजिटल ऑनलाइन डोजियर तैयार किया जाएगा। इसके लिए त्रिनेत्र नाम से ‘यूपी पुलिस मोबाइल एप्लीकेशन’ तैयार किया गया है।
डोजियर भरने के लिए जिला मुख्यालय पर अपर पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपाधीक्षक (अपराध) स्तर के अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा। डीजीपी ने पिछले दिनों सभी जिले के कप्तानों को अपराधों की रोकथाम और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए डिजिटल ऑनलाइन डोजियर बनाने के निर्देश दिए थे।
ताकि पकड़े जाने वाले अपराधियों की वास्तविक पहचान, आपराधिक इतिहास समेत गिरफ्तारी से पहले संबंधित अपराधियों द्वारा किए गए अपराधों का पता लगाया जा सके। चेन स्नेचर, नकबजनी, लूट-डकैती, वाहन चोरी के अलावा आर्थिक अपराध करने वाले लोगों का ब्यौरा भी डोजियर में भरा जाएगा।
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इसके लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर और कंप्यूटर के जानकार दो कांस्टेबल भी तैनात किए जाएंगे। इसी तरह ‘त्रिनेत्र’ एप्लीकेशन के क्रियान्वयन में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए भी आईजी (अपराध), एसपी, एएसपी के अलावा एक निरीक्षक, एक उप निरीक्षक, एक आरक्षी और दो अन्य कर्मियों को नामित किया गया है।
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डोजियर भरने के लिए जिला मुख्यालय पर अपर पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपाधीक्षक (अपराध) स्तर के अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा। डीजीपी ने पिछले दिनों सभी जिले के कप्तानों को अपराधों की रोकथाम और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए डिजिटल ऑनलाइन डोजियर बनाने के निर्देश दिए थे।
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ताकि पकड़े जाने वाले अपराधियों की वास्तविक पहचान, आपराधिक इतिहास समेत गिरफ्तारी से पहले संबंधित अपराधियों द्वारा किए गए अपराधों का पता लगाया जा सके। चेन स्नेचर, नकबजनी, लूट-डकैती, वाहन चोरी के अलावा आर्थिक अपराध करने वाले लोगों का ब्यौरा भी डोजियर में भरा जाएगा।
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इसके लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर और कंप्यूटर के जानकार दो कांस्टेबल भी तैनात किए जाएंगे। इसी तरह ‘त्रिनेत्र’ एप्लीकेशन के क्रियान्वयन में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए भी आईजी (अपराध), एसपी, एएसपी के अलावा एक निरीक्षक, एक उप निरीक्षक, एक आरक्षी और दो अन्य कर्मियों को नामित किया गया है।