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Lucknow News: कजरी तीज मेले में एक हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
Sat, 23 Aug 2025 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:14 AM IST
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करनैलगंज/भंभुआ। कजरी तीज मेले के दौरान 60 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति होगी। यही नहीं, गोंडा-लखनऊ रेलमार्ग पर ट्रेनें कॉशन पर चलाई जाएंगी। मेला संपन्न कराने के लिए एक हजार से अधिक पुलिस, पीएसी, जल पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। एसपी विनीत जायसवाल ने शुक्रवार को सरयू घाट पर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अफसरों के साथ बैठक की।
कांवड़ मेले के मदेद्नजर शुक्रवार को सरयू घाट पर अधिकारियों का जमघट रहा। एसडीएम जितेंद्र गौतम और सीओ अभिषेक दावाच्या की अगुवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। घाटों पर नदी की गहराई को देखते हुए लोहे की जालियों की बैरिकेडिंग, अस्थाई सीढ़ियों का निर्माण और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। ड्रोन कैमरों से भी मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
महिलाओं की विशेष सुरक्षा, उनके लिए कपड़े बदलने के लिए अलग स्थान और शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध जाएगी। मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए सात स्थानों पर बैरियर लगाए जा रहे हैं। रूट डायवर्जन भी लागू किया जाएगा। मेला क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जा रही है। घाट पर जल पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद रहेगी। अग्निशमन टीम भी मेला क्षेत्र में तैनात की जाएगी। वर्ष 2007 में हुए रेल हादसे को देखते हुए ट्रेनों को कॉशन पर चलाने के लिए विभागीय स्तर पर मंथन किया गया है।
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कांवड़ मेले के मदेद्नजर शुक्रवार को सरयू घाट पर अधिकारियों का जमघट रहा। एसडीएम जितेंद्र गौतम और सीओ अभिषेक दावाच्या की अगुवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। घाटों पर नदी की गहराई को देखते हुए लोहे की जालियों की बैरिकेडिंग, अस्थाई सीढ़ियों का निर्माण और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। ड्रोन कैमरों से भी मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
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महिलाओं की विशेष सुरक्षा, उनके लिए कपड़े बदलने के लिए अलग स्थान और शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध जाएगी। मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए सात स्थानों पर बैरियर लगाए जा रहे हैं। रूट डायवर्जन भी लागू किया जाएगा। मेला क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जा रही है। घाट पर जल पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद रहेगी। अग्निशमन टीम भी मेला क्षेत्र में तैनात की जाएगी। वर्ष 2007 में हुए रेल हादसे को देखते हुए ट्रेनों को कॉशन पर चलाने के लिए विभागीय स्तर पर मंथन किया गया है।
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