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Lucknow News: म्यांमार में युवकों को बंधक बनाकर ठगी मामले में एक और गिरफ्तार

Wed, 19 Mar 2025 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 19 Mar 2025 02:12 AM IST
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One more arrested in Myanmar for kidnapping and cheating youths
म्यांमार में युवकों को बंधक बनाकर ठगी मामले में एक और गिरफ्तार
लखनऊ। म्यांमार के म्यावाड्डी में भारतीयों को बंधक बनाने के मामले में मदेयगंज पुलिस व साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक और जालसाज चौक के मंसूरनगर निवासी जीशान खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इससे पहले 15 मार्च को दो आरोपियों गुडंबा के जावेद इकबाल और मदेयगंज के मो. अहमद खान को पकड़ चुकी है। आरोपियों ने बैंकॉक में नौकरी दिलाने की बात कहकर पीड़ित युवकों से रुपये लिए थे। युवकों को बैंकॉक भेजा था। वहां से उनको म्यांमार भेजा गया और बंधक बनाकर साइबर ठगी करा रहे थे।
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म्यांमार से लौटे मदेयगंज के मशालची टोला निवासी सुल्तान सलाहुद्दीन ने 12 मार्च को जावेद इकबाल, मो. अहमद खान उर्फ भय्या और जीशान खान के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना था कि आरोपियों ने विदेश भेजने के नाम पर उनसे रुपये लिए थे। पुलिस ने अहमद और जावेद को गिरफ्तार किया था। अब तीसरे आरोपी जीशन को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन, दो पासपोर्ट, तीन डेबिट कार्ड, 22 चेकबुक, पासबुक और एक सिमकार्ड मिला है।
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विदेश भेजने पर प्रति युवक 500 डॉलर मिलता था
आरोपी जीशान ने बताया कि म्यांमार में मौजूद रफ्फाक राही के कहने पर वह लोग सीधे-साधे युवकों को बैंकॉक में डाटा एंट्री के नाम पर नौकरी दिलवाने का लालच देकर फंसाते थे। वहां से रफ्फाक के गुर्गे युवक को अनधिकृत रूप से म्यांमार ले जाते थे। फिर उनका पासपोर्ट छीन लेते थे और बंधक बनाकर साइबर ठगी करवाते थे। जो युवक इन्कार कर देता था, रफ्फाक उससे तीन लाख रुपये लेकर वापस भेज देता था। जीशान ने बताया कि रफ्फाक से प्रति युवक 500 डालर मिलता था।
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अलग-अलग शहरों में है सक्रिय गैंग के गुर्गे

आरोपी जीशान ने बताया कि अलग-अलग शहरों में गैंग के गुर्गे सक्रिय हैं। ये गुर्गे रुपये देकर लोगों से उनका खाता खरीद लेते थे। इसके बाद ठगी की रकम उसी खाते में मंगवाई जाती थी। एटीएम के माध्यम से गुर्गे कमीशन काटकर रुपये कुछ खातों में ट्रांसफर कर देते थे। आरोपी मो. अहमद खान उक्त खातों से रुपये निकालकर डिजिटल वॉलेट के जरिये विदेश में मौजूद साथियों को ट्रांसफर कर देता था।
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