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तीन महीने के संपूर्ण लॉकडाउन में भी एक लाख चालान, करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माना वसूला
Sat, 19 Sep 2020 02:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
इंद्र भूषण दुबे, अमर उजाला, लखनऊ
इंद्र भूषण दुबे, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:45 PM IST
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वाहनों की चेकिंग करते पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात पुलिस लगातार सख्ती कर रही है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बीते आठ महीनों में ही पिछले साल की तुलना में करीब 350 प्रतिशत अधिक चालान हुए हैं। साथ ही करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया है।
खास बात है कि इनमें से तीन महीने संपूर्ण लॉकडाउन रहा। इस दौरान भी करीब एक लाख लोगों के चालान काटे गए। वहीं, इन आठ महीनों में शमन शुल्क भी 181 प्रतिशत अधिक वसूला गया। वाहन सीज करने में भी 428 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई।
सुगम यातायात के लिए कमिश्नरेट ने कई इंतजाम किए। यातायात पुलिस में तैनात निरीक्षक, उपनिरीक्षक, हेडकांस्टेबल व थाना प्रभारियों को 700 एंड्राॅयड मोबाइल दिए गए, ताकि वे नियम तोड़ने वालों का चालान काट सकें। यातायात पुलिस ने 2019 में कुल 95,816 ई-चालान काटे।
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वहीं, बीते आठ महीनों में ही संख्या 3,34,257 पहुंच गई है। 2019 में 1,90,43959 रुपये शमन शुल्क वसूला, जबकि इन आठ महीनों में ही 3,46,27,010 रुपये शमन शुल्क जमा कराया जा चुका है। पिछले साल 141 वाहन सीज किए गए तो आठ माह में यह आंकड़ा 604 रहा।
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खास बात है कि इनमें से तीन महीने संपूर्ण लॉकडाउन रहा। इस दौरान भी करीब एक लाख लोगों के चालान काटे गए। वहीं, इन आठ महीनों में शमन शुल्क भी 181 प्रतिशत अधिक वसूला गया। वाहन सीज करने में भी 428 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई।
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सुगम यातायात के लिए कमिश्नरेट ने कई इंतजाम किए। यातायात पुलिस में तैनात निरीक्षक, उपनिरीक्षक, हेडकांस्टेबल व थाना प्रभारियों को 700 एंड्राॅयड मोबाइल दिए गए, ताकि वे नियम तोड़ने वालों का चालान काट सकें। यातायात पुलिस ने 2019 में कुल 95,816 ई-चालान काटे।
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वहीं, बीते आठ महीनों में ही संख्या 3,34,257 पहुंच गई है। 2019 में 1,90,43959 रुपये शमन शुल्क वसूला, जबकि इन आठ महीनों में ही 3,46,27,010 रुपये शमन शुल्क जमा कराया जा चुका है। पिछले साल 141 वाहन सीज किए गए तो आठ माह में यह आंकड़ा 604 रहा।
प्रतिबंध के बावजूद घर से निकलने वालों पर कार्रवाई
अप्रैल, मई व जून में संपूर्ण लॉकडाउन में भी यातायात पुलिस सक्रिय रही। अप्रैल में 24,107, मई में 34,805 और जून में 42,416 लोगों का चालान काटा गया, जबकि इन तीन महीनों में जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को ही घरों से निकलने की अनुमति थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद घरों से निकलने वालों के चालान काटे गए। कुछ लोग बिना जरूरी काम के ही सड़कों पर घूम रहे थे। इनके चालान काटकर केस भी दर्ज किए गए।
अनलॉक होते ही दोगुना हो गया चालान
एडीसीपी यातायात पुर्णेंदु सिंह के मुताबिक अनलॉक-3 व 4 के दौरान लोग घरों से निकले हैं। इसके बाद आवागमन बढ़ा, हालांकि पहले की तुलना में सड़कों पर वाहनों की कतार कम है, लेकिन दो महीनों के अनलॉक में दोगुने से अधिक लोगों ने यातायात नियमों को तोड़ा है। एडीसीपी के मुताबिक जुलाई में एक लाख से अधिक तो अगस्त में करीब 72 हजार चालान काटे गए। वहीं, सितंबर में भी अब तक 40 हजार के चालान काटे गए हैं।
अनलॉक होते ही दोगुना हो गया चालान
एडीसीपी यातायात पुर्णेंदु सिंह के मुताबिक अनलॉक-3 व 4 के दौरान लोग घरों से निकले हैं। इसके बाद आवागमन बढ़ा, हालांकि पहले की तुलना में सड़कों पर वाहनों की कतार कम है, लेकिन दो महीनों के अनलॉक में दोगुने से अधिक लोगों ने यातायात नियमों को तोड़ा है। एडीसीपी के मुताबिक जुलाई में एक लाख से अधिक तो अगस्त में करीब 72 हजार चालान काटे गए। वहीं, सितंबर में भी अब तक 40 हजार के चालान काटे गए हैं।
जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लॉकडाउन के दौरान जिनका गलत दिशा से वाहन चलाने, सिग्नल तोड़ने का चालान काटा गया है, उसे प्रार्थनापत्र देने के बाद संशोधित कर दिया जाएगा। बाकी मद में काटे गये चालान पर जुर्माना वसूला जाएगा। - पुर्णेंदु सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त, यातायात लखनऊ