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फर्जीवाड़ा: एक डॉक्टर की डिग्री आठ अस्पतालों में लगी, अब सभी का होगा लाइसेंस निरस्त

Fri, 07 Jul 2023 07:03 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 07 Jul 2023 07:03 PM IST
सार

यूपी की राजधानी लखनऊ में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक डॉक्टर की डिग्री एक दो नहीं आठ अस्पतालों में प्रयोग की जा रही है। 

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one doctor degree use in eight hoshpital in lucknow
doctor demo pic - फोटो : istock

विस्तार

निजी अस्पताल अब डॉक्टरों की डिग्री में फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। इस दफा एक डॉक्टर की डिग्री आठ अस्पतालों में फुल टाइम लगा दी गई। नियम है कि फुल टाइम एक डॉक्टर, एक ही अस्पताल में अपनी सेवाएं दे सकता है। आठ अस्पतालों में डिग्री का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग में आठों अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी है। वहीं डॉक्टर ने भी शपथ पत्र देकर महज एक अस्पताल में सेवाएं दिए जाने का दावा किया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है पार्ट टाइम में डॉक्टर कई जगह डिग्री लगा सकते हैं।

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शहर में करीब 1300 निजी अस्पताल व 250 लैब का संचालन हो रहा है। निजी अस्पतालों में एक डॉक्टर की फुल टाइम डिग्री एक अस्पताल में लग सकती है। इसके अलावा पार्ट टाइम कई विधा के डॉक्टरों की लग सकती है। निजी अस्पताल संचालकों खेल करते हुए एक महिला डॉक्टर के दस्तावेज फर्जी तरीके से आठ अस्पतालों में लगा दिए। नए पोर्टल पर मामला पकड़ में आ गया। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। 
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विभाग के जरिए संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया। महिला डॉक्टर ने शपथ पत्र देते हुए एक अस्पताल में अपने फुल टाइम पेपर लगाए जाने का दावा किया है। स्वास्थ्य विभाग ने आठों अस्पतालों को नोटिस देते हुए उनका पंजीकरण-नवीनीकरण निरस्त किए जाने की तैयारी किया है। अफसरों का कहना है अस्पतालों जरिए नए एमबीबीएस डॉक्टर के दस्तावेज जल्द मुहैया नहीं कराए तो पंजीकरण निरस्त करते हुए उनके संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। सीएमओ डॉ. मनोज के मुताबिक, निजी अस्पतालों जरिए फर्जीवाड़ा करने पर संचालन बंद कराने संग एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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100 अस्पतालों का नवीनीकरण विभाग ने रोका

शहर के करीब 100 अस्पतालों ने अपने पंजीकरण में आयुर्वेद-यूनानी विधा के डाॅक्टर की डिग्री लगाई थी। क्लीनिकल एक्ट लागू होने बाद इन सभी डॉक्टरों की जगह पर अब एमबीबीएस डॉक्टर की डिग्री मांगी गई। बिना कुशल विशेषज्ञ अस्पतालों का पंजीकरण-नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में निजी अस्पताल संचालक फर्जी तरीके से एक डॉक्टर की डिग्री कई अस्पतालों में लगाने की जुगत भिड़ा रहे हैं। पोर्टल पर डॉक्टर का पंजीकरण नंबर डालते ही सारा भेद खुल जा रहा है।


इन अस्पतालों में लगी डिग्री

सुपीरिया पॉली क्लीनिक, जनता हॉस्पिटल, स्वदेश, आर्य हॉस्पिटल, मिशन हॉस्पिटल, शिफा जेडी हॉस्पिटल, एके हॉस्पिटल, नागर हॉस्पिटल में एक डॉक्टर की डिग्री लगी है।

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