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फिर से होगी कुलपति कार्यालय के कर्मचारी की जांच
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फिर होगी मनमाने तरीके से नियुक्ति की जांच
कुलपति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी का मामला
केजीएमयू के कुलपति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की अब नए सिरे से जांच होगी। कुलसचिव ने जांच अधिकारी को दोबारा पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि कर्मचारी का पक्ष जोड़ते हुए हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में रिपोर्ट दें।
कुलपति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की मृतक आश्रित के तहत नियुक्ति की गई, जबकि कर्मचारी की मां पहले से यहां कार्यरत थी। नियमानुसार यदि पति-पत्नी में से कोई पहले से संबंधित संस्थान में कार्यरत है तो उसके बेटा-बेटी को मृतक आश्रित में नौकरी नहीं दी जा सकती है। मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने कुलसचिव को निर्देश दिया कि इस मामले का तत्काल निस्तारण करें। इस पर कुलसचिव ने ट्रॉमा सर्जरी विभाग के डॉ. समीर मिश्रा को जांच अधिकारी बनाया। 22 अप्रैल को उन्होेंने रिपोर्ट दी कि शासनादेश के मां के कार्यरत रहते हुए पिता की मौत पर बेटे को नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। नियमानुसार नियुक्त गलत है। इस मामले में अब नए सिरे से जांच कराई जा रही है। कुलसचिव ने 16 अगस्त को प्रो. समीर मिश्रा को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि संबंधित की व्यक्तिगत सुनवाई की जाए। कर्मचारी का उत्तर एवं जांच आख्या से अवगत कराएं। इस संबंध में कुलसचिव राजेश कुमार राय का कहना है कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट में कुछ त्रुटियां थीं, जिसे संशोधित करने के लिए पत्र लिखा गया है।
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कुलपति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी का मामला
केजीएमयू के कुलपति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की अब नए सिरे से जांच होगी। कुलसचिव ने जांच अधिकारी को दोबारा पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि कर्मचारी का पक्ष जोड़ते हुए हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में रिपोर्ट दें।
कुलपति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की मृतक आश्रित के तहत नियुक्ति की गई, जबकि कर्मचारी की मां पहले से यहां कार्यरत थी। नियमानुसार यदि पति-पत्नी में से कोई पहले से संबंधित संस्थान में कार्यरत है तो उसके बेटा-बेटी को मृतक आश्रित में नौकरी नहीं दी जा सकती है। मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने कुलसचिव को निर्देश दिया कि इस मामले का तत्काल निस्तारण करें। इस पर कुलसचिव ने ट्रॉमा सर्जरी विभाग के डॉ. समीर मिश्रा को जांच अधिकारी बनाया। 22 अप्रैल को उन्होेंने रिपोर्ट दी कि शासनादेश के मां के कार्यरत रहते हुए पिता की मौत पर बेटे को नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। नियमानुसार नियुक्त गलत है। इस मामले में अब नए सिरे से जांच कराई जा रही है। कुलसचिव ने 16 अगस्त को प्रो. समीर मिश्रा को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि संबंधित की व्यक्तिगत सुनवाई की जाए। कर्मचारी का उत्तर एवं जांच आख्या से अवगत कराएं। इस संबंध में कुलसचिव राजेश कुमार राय का कहना है कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट में कुछ त्रुटियां थीं, जिसे संशोधित करने के लिए पत्र लिखा गया है।
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