राजभर के बदले सुर, भाजपा को बताया मुसलमानों का हितैषी
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प्रदेश सरकार व भाजपा के खिलाफ बगावती बोल बोलने वाले पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर का सुर मंगलवार को अचानक बदल गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है, जिसने मुसलमानों को सम्मान देने के लिए सबसे ज्यादा काम किया है।
भाजपा की जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भाजपा ने ही एक मुसलमान (डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम) को राष्ट्रपति की कुर्सी पर बिठाकर अल्पसंख्यक समाज को गौरव दिलाने का काम किया और सभी योजनाओं में मुसलमानों को भागीदार बनाया। वे मंगलवार को भारतीय अल्पसंख्यक महासभा (भारत) की ओर से प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में हुए इस कार्यक्रम में राजभर ने भाजपा संगठन व सरकार पर अल्पसंख्यकों की अनदेखी के लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी विशेष समुदाय या वर्ग को अब तक अधिकार नहीं मिला है तो उसके लिए आजादी के बाद देश व प्रदेश की सत्ता संभालने वाले सियासी दल जिम्मेदार हैं।
अल्पसंख्यक समाज के लोगों से उन्होंने कहा कि आप लोग तो सिर्फ भाजपा को हराने के लिए ही वोट देते हो, लेकिन भाजपा ही ऐसी पार्टी है जिसने अल्पसंख्यक समाज के विकास के लिए सबसे अधिक काम किया है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में अल्पसंख्यक समाज के लोगों की संख्या करीब 38 फीसदी थी, लेकिन देश की सत्ता पर सबसे ज्यादा समय तक काबिज रहने वाली कांग्रेस ने इसे 1 फीसदी तक पहुंचा दिया।
सपा-बसपा सरकारों ने भी यह आंकड़ा आगे नहीं बढ़ाया, फिर भी अल्पसंख्यक समाज इन दलों को ही अपना हितैषी और भाजपा को दुश्मन मानता आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इनमें भी सभी जाति के लोगों की तरह पहली बार अल्पसंख्यकों को भी बराबर लाभ दिया जा रहा है।
भाजपा शासन में नहीं हुआ दंगा
अब तक भाजपा को दंगा कराने वाली पार्टी करार देते आ रहे राजभर ने अल्पसंख्यकों के सामने क्लीन चिट देते हुए कहा कि भाजपा शासन में एक भी दंगा नहीं हुआ। कुछ स्थानों पर लोगों ने दंगा कराने का प्रयास भी किया, लेकिन उसे विफल कर दिया गया।
कमलनाथ पर साधा निशाना
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के यूपी को लोगों को नौकरी न देने संबंधी बयान को राजभर नेे चुनावी स्टंट बताया। कहा कि कमलनाथ ने यह बयान आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए दिया है। इस बयान का फायदा कांग्रेस को एमपी में तो मिल सकता है, लेकिन यूपी में इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा। राजभर ने कहा कि कमलनाथ को यह बताना चाहिए कि वहां नौकरी करने वाले यूपी और बिहार के लोग नाकाबिल हैं क्या, जो उन्हें हटाने की बात कर रहे हैं।