यूपी: स्वतंत्र देव के घर जाकर मिले ओमप्रकाश राजभर, बोले-राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता
सूत्रों का कहना है कि राजभर की जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कराई जाएगी। इसके बाद ही ओमप्रकाश को फिर एनडीए में शामिल किए जाने का ऐलान किया जा सकता है।
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प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री रहते हुए भी भाजपा और सरकार की नीतियों को कोसने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह से मुलाकत की। इसके बाद से राजभर के फिर से भाजपा के साथ आने को लेकर कयाबाजी शुरू हो गई है। प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर के साथ सुबह करीब 6 बजे ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के घर ओमप्रकाश और स्वतंत्रदेव के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। हालांकि ओमप्रकाश राजभर ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताकर मामले को दबाने की कोशिश की। लेकिन सूत्रों का कहना है कि राजभर की जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कराई जाएगी। इसके बाद ही ओमप्रकाश को फिर एनडीए में शामिल किए जाने का ऐलान किया जा सकता है।
उधर स्वतंत्रदेव से मुलाकात के बाद बाहर निकले ओमप्रकाश ने शिष्टाचार मुलाकात होने का दावा किया। लेकिन भाजपा के साथ फिर से आने से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि कहा कि राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता। भाजपा से मेरा सिर्फ मुद्दों की लड़ाई है। अगर भाजपा मेरी पुरानी मांगों को मान ले तो भाजपा के साथ आने पर विचार किया जा सकता है। स्वतंत्र देव से मुलाकात के बारे में ओम प्रकाश ने कहा कि स्वतंत्र देव सिंह पहले पिछड़ों के नेता हैं उसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात निजी थी लेकिन कुछ लोग अर्थ का अनर्थ लगाएंगे।
कैबिनेट मंत्री के पद से हटने के बाद से ही भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाकर भाजपा पर दबाव बनाने में जुटे ओमप्रकाश राजभर ने ओवैसी से जुड़े सवाल पर भी कहा है कि अभी तक उनका ओवैसी की पार्टी के साथ कोई औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है। इस बीच अब अचानक उनकी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह से हुई मुलाकात ने सियासी अटकलों को तेज कर दिया है। अब माना जा रहा है कि रूठे राजभर फिर भाजपा के साथ आ सकते हैं। ।
पिछड़ी जाति के किसी नेता को सीएम घोषित करें तो बात बने
निषाद पार्टी की तर्ज पर ओमप्रकाश राजभर ने भी भाजपा से पिछड़ी जाति से किसी नेता को सीएम बनाने की घोषणा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के लोग जातिवार मतगणना, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने, सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को लागू करने, पिछड़ों को मिल रहे 27 प्रतिशत आरक्षण का बंटवारा करने, एक समान अनिवार्य व मुफ्त शिक्षा, मुफ्त घरेलू बिजली देने और प्रदेश पूर्ण शराबबंदी की घोषणा करने की मांगे मान ले तो उनका भाजपा से कोई विरोध नहीं है। इन मुद्दों की लड़ाई लड़ने के लिए वह भाजपा से अलग हुए थे।
हमारे पास हैं 45 प्रतिशत ओबीसी का वोट बैंक
ओमप्रकाश ने कहा कि देश पहले कृषि प्रधान था, लेकिन अब जाति प्रधान हो गया है। छोटी जातियों की काफी उपेक्षा हुई है। हमने भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाकर सबको को न्याय दिलाने में लगे हैं। प्रदेश में अति पिछड़ी तथा 54 प्रतिशत पिछड़ी जातियां काफी उपेक्षित थीं। यह किसी को भी सरकार बनाने में मदद करती हैं। राजभर ने कहा कि प्रदेश की 45 प्रतिशत ओबीसी जातियां हमारे साथ हैं, हम इसी दम पर सरकार बनाएंगे। हमारे पास 45 प्रतिशत वोट हैं, इसी वोट के दम पर सरकार बनती या बिगड़ती है।